Venezuela से सस्ता तेल खरीदने की होड़! वेनेजुएला से भारत खरीदेगा रिकॉर्ड तेल, 7 साल का टूटेगा रिकॉर्ड
भारत का वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात इस महीने करीब सात साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है। वेनेजुएला के तेल पर मिल रही भारी छूट भारतीय रिफाइनर्स को आकर्षित कर रही है। वहीं, रूस से आने वाला तेल महंगा होने के कारण भारतीय कंपनियां अपने सप्लाई सोर्स में बदलाव कर रही हैं।
Kpler के अनुमान के मुताबिक, भारत को वेनेजुएला से मिलने वाली क्रूड ऑयल की डिलीवरी इस महीने बढ़कर करीब 4.65 लाख बैरल प्रतिदिन हो सकती है, जो सितंबर में
सभी तय कार्गो समय पर पहुंचने की स्थिति में, वेनेजुएला से भारत का तेल आयात दिसंबर 2019 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच जाएगा।
वेनेजुएला से भारत आने वाले सभी कार्गो में सिक्का (Sikka) को डेस्टिनेशन के तौर पर दर्ज किया गया है। यह वही पोर्ट है जिसका इस्तेमाल Reliance Industries Limited अपने जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के लिए करती है, जो दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स है। हालांकि, अक्टूबर में वास्तविक आयात इन आंकड़ों से अलग हो सकता है। Analytics firm के शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, कम से कम दो टैंकर 31 अक्टूबर को भारत के पश्चिमी तट पर पहुंचने वाले हैं।
Reliance के एक प्रवक्ता ने इस मामले पर पूछे गए सवाल का तुरंत जवाब नहीं दिया।

भारत ने पूर्व नेता निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) के सत्ता से हटने के बाद अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील मिलने के चलते करीब एक साल के अंतराल के बाद फरवरी में वेनेजुएला से फिर तेल खरीदना शुरू किया था। इसी दौरान भारत के सबसे बड़े क्रूड सप्लायर रूस से होने वाला आयात घट रहा है, क्योंकि रूसी तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। रूस के प्रमुख Urals ग्रेड की Baltic से लोडिंग कीमत युद्ध शुरू होने के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है।
दक्षिण एशियाई देश के रिफाइनर्स रूसी तेल की खरीद भी कम कर रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह अमेरिका का व्यापक प्रतिबंध कानून है, जिसने नए दंडात्मक टैरिफ की आशंका बढ़ा दी है। Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, भारत के क्रूड आयात में रूस की हिस्सेदारी सितंबर में घटकर करीब 35% रह गई, जबकि जुलाई में यह 56% तक पहुंच गई थी।
Kpler के Senior Manager of Modeling सुमित रितोलिया ने कहा, “साल की शुरुआत से वेनेजुएला का क्रूड भारत के लिए सप्लाई में विविधता लाने की रणनीति का लगातार महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।” हालांकि, उनका अनुमान है कि अक्टूबर में वास्तविक डिलीवरी करीब 3.50 लाख बैरल प्रतिदिन रह सकती है, क्योंकि कुछ जहाज महीने के अंत तक अपना तेल उतार नहीं पाएंगे।
