Ashoka Buildcon को रेलवे से मिला ₹290.23 करोड़ का ऑर्डर, पूर्वोत्तर रेलवे के इस प्रोजेक्ट पर करेगी काम
Ashoka Buildcon Order News: इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी Ashoka Buildcon Limited को North Eastern Railway (NER) से ₹290.23 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने 9 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में बताया कि उसे इस प्रोजेक्ट के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) प्राप्त हुआ है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत रेलवे की इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पावर सप्लाई व्यवस्था की क्षमता बढ़ाने से जुड़ा काम किया जाएगा।
गोरखपुर-कैंट-छपरा रेल सेक्शन पर होगा काम
यह प्रोजेक्ट पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी डिवीजन के गोरखपुर कैंट-छपरा ग्रामीण रेल सेक्शन से जुड़ा है। इसके तहत 2×25 KV ट्रैक्शन फीडिंग सिस्टम के लिए ट्रैक्शन सबस्टेशनों और उनसे जुड़े स्विचिंग पोस्ट का डिजाइन, सप्लाई, निर्माण, टेस्टिंग और कमीशनिंग किया जाएगा। इस काम का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पावर सप्लाई इंस्टॉलेशन की क्षमता बढ़ाने से जुड़ा है। कंपनी यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल पर पूरा करेगी।
24 महीने में पूरा करना होगा प्रोजेक्ट
कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल वैल्यू ₹290.23 करोड़ (GST सहित) है। प्रोजेक्ट को काम शुरू होने की तारीख से 24 महीने के भीतर पूरा करना होगा।
कॉन्ट्रैक्ट की प्रमुख शर्तों में शामिल हैं :-
- ऑर्डर देने वाली संस्था: North Eastern Railway (NER)
- कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू: ₹290.23 करोड़, GST सहित
- काम का प्रकार: EPC कॉन्ट्रैक्ट
- प्रोजेक्ट की अवधि: काम शुरू होने से 24 महीने
- परफॉर्मेंस बैंक गारंटी (PBG): कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू का 5%
- डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड: 2 साल
- ऑर्डर का प्रकार: घरेलू
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी
Ashoka Buildcon ने SEBI के नियमों के तहत Regulation 30 के अनुसार स्टॉक एक्सचेंजों को इस ऑर्डर की आधिकारिक जानकारी दी है। कंपनी के अनुसार, इस ऑर्डर में प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप की कोई संबंधित हिस्सेदारी लागू नहीं है। संबंधित पक्षों के बीच लेनदेन से जुड़ा विवरण भी लागू नहीं है।

निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह ऑर्डर?
₹290.23 करोड़ का यह कॉन्ट्रैक्ट Ashoka Buildcon के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार से जुड़ा एक नया प्रोजेक्ट है। इसमें इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पावर सप्लाई सिस्टम की क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी तकनीकी और निर्माण संबंधी काम शामिल हैं। हालांकि, केवल ऑर्डर मिलने के आधार पर कंपनी की भविष्य की कमाई या शेयर के प्रदर्शन का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
