Bajel Projects को मुंबई में ₹200 करोड़ से बड़ा ऑर्डर, दो 220kV GIS सबस्टेशनों की करेगी सप्लाई और इंस्टॉलेशन
Bajel Projects Order News :- पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी Bajel Projects Limited को मुंबई में 220kV गैस इंसुलेटेड स्विचगियर (GIS) सबस्टेशन की सप्लाई और इंस्टॉलेशन के लिए ₹200 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर मिला है। कंपनी ने 9 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस रिलीज में इस ऑर्डर की जानकारी दी। कंपनी की प्रोजेक्ट क्लासिफिकेशन पॉलिसी के अनुसार, GST सहित यह ऑर्डर ‘मेजर ऑर्डर’ की श्रेणी में आता है।
मुंबई में दो 220kV GIS सबस्टेशन लगाएगी कंपनी
इस प्रोजेक्ट के तहत मुंबई में दो अलग-अलग सबस्टेशनों पर काम किया जाएगा। इसमें Salsette Receiving Station और Powai Receiving Station शामिल हैं।
1. Salsette Receiving Station पर काम
पहले पैकेज के तहत Salsette Receiving Station पर 220kV GIS सबस्टेशन की सप्लाई और इंस्टॉलेशन किया जाएगा।
2. Powai Receiving Station पर काम
दूसरे पैकेज में Powai Receiving Station पर 220kV आउटडोर GIS सबस्टेशन की सप्लाई और इंस्टॉलेशन शामिल है।
GIS तकनीक क्यों है अहम?
गैस इंसुलेटेड स्विचगियर (GIS) तकनीक पारंपरिक एयर-इंसुलेटेड सबस्टेशनों की तुलना में काफी कम जगह लेती है। मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में, जहां जमीन सीमित है और बिजली की मांग बढ़ रही है, यह तकनीक उपयोगी साबित होती है। कंपनी के अनुसार, ये दोनों सबस्टेशन मुंबई के पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क की क्षमता और विश्वसनीयता बढ़ाने में योगदान देंगे।
कंपनी के CEO ने क्या कहा?
Bajel Projects Limited के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO राजेश गणेश ने इस ऑर्डर पर कहा कि कंपनी मुंबई के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में योगदान देने पर गर्व महसूस करती है। उन्होंने बताया कि चालू महानगर में हाई-वोल्टेज GIS सबस्टेशन बनाने के लिए सटीक इंजीनियरिंग, सीमित जगह में बेहतर योजना और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह ऑर्डर कंपनी की प्रोजेक्ट को प्रभावी ढंग से पूरा करने की क्षमता में ग्राहकों के भरोसे को दर्शाता है। मुंबई की बढ़ती बिजली जरूरतों के लिए मजबूत और भविष्य के अनुरूप ग्रिड तैयार करना जरूरी है, और कंपनी दोनों प्रोजेक्ट्स को उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Bajel Projects की कैटेगरी में ‘मेजर ऑर्डर’ किसे कहते हैं?
Bajel Projects की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, GST सहित ऑर्डर की वैल्यू के आधार पर प्रोजेक्ट्स को पांच श्रेणियों में बांटा जाता है:
- सिग्निफिकेंट ऑर्डर: ₹50 करोड़ से ₹100 करोड़
- लार्ज ऑर्डर: ₹100 करोड़ से ₹200 करोड़
- मेजर ऑर्डर: ₹200 करोड़ से ₹300 करोड़
- मेगा ऑर्डर: ₹300 करोड़ से ₹400 करोड़
- अल्ट्रा-मेगा ऑर्डर: ₹400 करोड़ और उससे अधिक
Bajel Projects के बारे में
Bajel Projects Limited इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) और मैन्युफैक्चरिंग सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी पावर ट्रांसमिशन और न्यू एनर्जी सेक्टर में है। यह Bajaj Group का हिस्सा है। कंपनी की जड़ें Bajaj Electricals Limited के EPC कारोबार से जुड़ी हैं और यह पावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के प्रबंधन तथा संचालन में अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती है।
निष्कर्ष
मुंबई में दो 220kV GIS सबस्टेशनों की सप्लाई और इंस्टॉलेशन का यह ऑर्डर Bajel Projects के पावर ट्रांसमिशन कारोबार से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इससे संबंधित कार्य Salsette और Powai Receiving Stations पर किया जाएगा।
