ACME Solar को ₹6 प्रति यूनिट पर 300 MW का बड़ा PPA, 1,200 MWh पीक पावर सप्लाई का समझौता

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ACME Solar PPA Deal: ACME Solar Holdings Limited ने अपनी सब्सिडियरी ACME Greentech Twenty Pvt Ltd के माध्यम से Solar Energy Corporation of India (SECI) के साथ 300 MW / 1,200 MWh की assured peak power supply के लिए Power Purchase Agreement (PPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत बिजली की दर ₹6 प्रति यूनिट तय की गई है। कंपनी ने 19 अक्टूबर 2026 को इसकी जानकारी दी।

SECI के FDRE-IX ट्रेंच के तहत PPA साइन

यह PPA SECI के FDRE-IX ट्रेंच के तहत किया गया है, जिसकी प्रभावी तारीख 6 अक्टूबर 2026 है। इस परियोजना का उद्देश्य शाम और रात के समय बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भरोसेमंद और जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराई जा सकने वाली स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है।

Renewable Energy की हिस्सेदारी बढ़ने के साथ बिजली ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने में भी इस तरह की परियोजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

सोलर और बैटरी स्टोरेज से होगी बिजली की आपूर्ति

इस परियोजना के तहत ACME Solar Contract की गई क्षमता के प्रत्येक MW पर गैर-सौर घंटों के दौरान रोजाना 4 MWh बिजली उपलब्ध कराएगी। कंपनी को हर महीने कम से कम 90% उपलब्धता बनाए रखनी होगी। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए परियोजना में सोलर एनर्जी और Battery Energy Storage System (BESS) का संयोजन इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी के अनुसार, इसके लिए रात के समय बिजली आपूर्ति से जुड़ी मौजूदा कनेक्टिविटी का भी उपयोग किया जाएगा।

PPA के बाद कंपनी का निर्माणाधीन पोर्टफोलियो कितना हुआ?

इस नए समझौते के बाद ACME Solar का निर्माणाधीन PPA-कॉन्ट्रैक्टेड पोर्टफोलियो 4,310 MW हो गया है। कंपनी की कुल निर्माणाधीन Contracted क्षमता 5,380 MW है।

ACME Solar का कुल पोर्टफोलियो

कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, ACME Solar Holdings Limited के पास सोलर, BESS, FDRE, हाइब्रिड और विंड एनर्जी सहित कुल 8,370 MW का विविध कॉन्ट्रैक्टेड पोर्टफोलियो है। कंपनी की परिचालन क्षमता लगभग 3,123 MW है, जबकि उसके पास 4.96 GWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज क्षमता भी है।

ACME Solar के पास अपनी इन-हाउस EPC और O&M डिवीजन हैं। इनके जरिए कंपनी परियोजनाओं के विकास, निर्माण और संचालन एवं रखरखाव का काम करती है।

ACME Solar

ACME Solar PPA Deal: प्रमुख जानकारी

ParticularsDetails
CompanyACME Solar Holdings Limited
SubsidiaryACME Greentech Twenty Pvt Ltd
Power PurchaserSolar Energy Corporation of India (SECI)
Contracted Capacity300 MW / 1,200 MWh
Tariff Rate₹6 per Unit
Project TypeAssured Peak Power Supply
SchemeSECI FDRE-IX Tranche
Effective DateOctober 6, 2026
Under-Construction PPA Portfolio4,310 MW
Total Under-Construction Contracted Capacity5,380 MW
Total Contracted Portfolio8,370 MW
Operational CapacityApproximately 3,123 MW
BESS Capacity4.96 GWh

निष्कर्ष

ACME Solar Holdings Limited की सब्सिडियरी ACME Greentech Twenty Pvt Ltd ने Solar Energy Corporation of India (SECI) के साथ बिजली आपूर्ति के लिए समझौता किया है। इसके तहत कंपनी ₹6 प्रति यूनिट की दर से 300 MW / 1,200 MWh की सुनिश्चित पीक पावर सप्लाई करेगी। यह परियोजना सोलर एनर्जी और बैटरी स्टोरेज के जरिए बिजली की अधिक मांग के समय Supply ensured करने पर केंद्रित है।

Source :- https://www.bseindia.com/xml-data/corpfiling/AttachLive/52da938a-09d5-4420-8016-ee692d57df52.pdf

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REPL को काशीपुर नगर निगम से मिला ₹220 करोड़ का प्रोजेक्ट, 29 साल से ज्यादा की होगी रियायत अवधि

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Rudrabhishek Enterprises Limited (REPL) के लिए कारोबार से जुड़ी बड़ी खबर है। कंपनी ने New Modern Buildwell Pvt. Ltd. (NMBPL) के साथ कंसोर्टियम में उत्तराखंड के काशीपुर नगर निगम से करीब ₹220 करोड़ का कंसल्टेंसी और कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। यह प्रोजेक्ट Urban Challenge Fund (UCF) के तहत काशीपुर के नगर निगम परिसर के विकास से जुड़ा है।

कंपनी ने 21 अक्टूबर 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को इसकी जानकारी दी। प्रोजेक्ट को DBFOT (Design-Build-Finance-Operate-Transfer) मॉडल के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) में विकसित किया जाएगा।

काशीपुर में क्या-क्या बनेगा?

इस प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम परिसर में कई तरह की व्यावसायिक और सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। इनमें शामिल हैं:

व्यवस्थित कमर्शियल दुकानें(Organized Commercial Shops)
मल्टी-लेवल पार्किंग(Multi-Level Parking)
आंतरिक सड़कें और सर्कुलेशन रोड(Internal Roads and Circulation Roads)
आधुनिक फसाड और इंफ्रास्ट्रक्चर(Modern Facade and Infrastructure)
AI और टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर(AI and Technology Innovation Centres)
फूड कोर्ट और पब्लिक प्लाजा(Food Court and Public Plaza)
होटल और एंटरटेनमेंट जोन(Hotels and Entertainment Zones)
मल्टीप्लेक्स(Multiplex)
नगर निगम का ऑफिस ब्लॉक(Municipal Corporation Office Block)
ग्रेड-A ऑफिस स्पेस(Grade-A Office Space)
स्ट्रीटस्केप सुधार और स्मार्ट यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर(Streetscape Improvements and Smart Utility Infrastructure)

इस विकास योजना का उद्देश्य नगर निगम परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों और सार्वजनिक सुविधाओं को एक साथ विकसित करना है।

प्रोजेक्ट की लागत और अनुमानित कमाई

REPL की एक्सचेंज फाइलिंग में प्रोजेक्ट की कुल लागत और अनुमानित राजस्व की जानकारी भी दी गई है।

ParticularsDetails
Awarding AuthorityKashipur Municipal Corporation, Government of Uttarakhand
Project Cost₹220 crore, inclusive of GST
Estimated RevenueApproximately ₹300 crore, inclusive of GST
Construction PeriodApproximately 36 months
Concession Period29 years and 11 months
Extension OptionExtendable by a further 29 years and 11 months
Project TypeDomestic
Nature of ContractFeasibility, planning, designing, redevelopment, construction, upgradation, strengthening, operation and maintenance
REPL

DBFOT और PPP मॉडल पर होगा विकास

यह प्रोजेक्ट DBFOT मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा। इस व्यवस्था में डिजाइन और निर्माण के साथ वित्तपोषण, संचालन और बाद में हस्तांतरण की जिम्मेदारियां तय शर्तों के अनुसार निभाई जाती हैं। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल में लागू किया जाएगा। कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, Urban Challenge Fund केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य शहरी विकास में बदलाव लाना और शहरों को बाजार आधारित वित्तपोषण तथा एकीकृत क्षेत्रीय विकास की दिशा में प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत कार्यशील पूंजी केंद्र और राज्य सरकार उपलब्ध कराएंगे, जबकि राजस्व विकसित संपत्तियों की बिक्री के अनुसार सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त होगा।

REPL के लिए क्यों अहम है यह कॉन्ट्रैक्ट?

यह ऑर्डर REPL और उसके कंसोर्टियम पार्टनर के लिए शहरी बुनियादी ढांचे और नगर विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इसमें योजना बनाने से लेकर निर्माण, संचालन और रखरखाव तक कई तरह के काम शामिल हैं।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑर्डर देने वाली संस्था घरेलू सरकारी निकाय है। फाइलिंग में प्रमोटर या प्रमोटर समूह की कंपनियों के इस इकाई में हित होने की जानकारी नहीं दी गई है। साथ ही, कंपनी ने बताया है कि यह कॉन्ट्रैक्ट संबंधित पक्षों के बीच होने वाला लेनदेन नहीं है।

कुल मिलाकर, काशीपुर का यह प्रोजेक्ट अगले लगभग तीन वर्षों में निर्माण कार्य और उसके बाद लंबी कंसेशन अवधि के लिए विकास, संचालन और रखरखाव से जुड़ा है।

Source :- https://nsearchives.nseindia.com/corporate/REPL_21102026113152_Intimation_Work_Order_Kashipur_Project.pdf 
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