Hexaware Technologies के शेयरधारकों के लिए डिविडेंड से जुड़ी अहम खबर है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹1 Face Value वाले प्रत्येक Equity Share पर ₹9.50 का दूसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी ने यह फैसला 20 अक्टूबर 2026 को सर्कुलर रेजोल्यूशन के जरिए लिया।
हर शेयर पर मिलेगा ₹9.50 का डिविडेंड
कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी के अनुसार, दूसरे अंतरिम डिविडेंड की राशि ₹9.50 प्रति इक्विटी शेयर तय की गई है। यह ₹1 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर का 950% है।
यह घोषणा कंपनी की 15 अक्टूबर 2026 की पिछली सूचना के बाद की गई है।
कब है रिकॉर्ड डेट?
Hexaware Technologies ने दूसरे अंतरिम डिविडेंड के लिए 26 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय किया है। इस तारीख के आधार पर डिविडेंड पाने के पात्र शेयरधारकों की पहचान की जाएगी।
कंपनी के मुताबिक, Dividend का भुगतान 7 नवंबर 2026 को किया जाएगा।
निवेशकों के लिए अहम तारीखें
Particulars
Details
Dividend Amount
₹9.50 per share
Face Value
₹1 per share
Dividend Percentage
950%
Record Date
October 26, 2026
Payment Date
November 7, 2026
Declaration Date
October 20, 2026
कंपनी ने बताया कि इस घोषणा से जुड़ी जानकारी उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
Rudrabhishek Enterprises Limited (REPL) के लिए कारोबार से जुड़ी बड़ी खबर है। कंपनी ने New Modern Buildwell Pvt. Ltd. (NMBPL) के साथ कंसोर्टियम में उत्तराखंड के काशीपुर नगर निगम से करीब ₹220 करोड़ का कंसल्टेंसी और कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। यह प्रोजेक्ट Urban Challenge Fund (UCF) के तहत काशीपुर के नगर निगम परिसर के विकास से जुड़ा है।
कंपनी ने 21 अक्टूबर 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को इसकी जानकारी दी। प्रोजेक्ट को DBFOT (Design-Build-Finance-Operate-Transfer) मॉडल के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) में विकसित किया जाएगा।
काशीपुर में क्या-क्या बनेगा?
इस प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम परिसर में कई तरह की व्यावसायिक और सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। इनमें शामिल हैं:
व्यवस्थित कमर्शियल दुकानें
(Organized Commercial Shops)
मल्टी-लेवल पार्किंग
(Multi-Level Parking)
आंतरिक सड़कें और सर्कुलेशन रोड
(Internal Roads and Circulation Roads)
आधुनिक फसाड और इंफ्रास्ट्रक्चर
(Modern Facade and Infrastructure)
AI और टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर
(AI and Technology Innovation Centres)
फूड कोर्ट और पब्लिक प्लाजा
(Food Court and Public Plaza)
होटल और एंटरटेनमेंट जोन
(Hotels and Entertainment Zones)
मल्टीप्लेक्स
(Multiplex)
नगर निगम का ऑफिस ब्लॉक
(Municipal Corporation Office Block)
ग्रेड-A ऑफिस स्पेस
(Grade-A Office Space)
स्ट्रीटस्केप सुधार और स्मार्ट यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर
(Streetscape Improvements and Smart Utility Infrastructure)
इस विकास योजना का उद्देश्य नगर निगम परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों और सार्वजनिक सुविधाओं को एक साथ विकसित करना है।
प्रोजेक्ट की लागत और अनुमानित कमाई
REPL की एक्सचेंज फाइलिंग में प्रोजेक्ट की कुल लागत और अनुमानित राजस्व की जानकारी भी दी गई है।
Particulars
Details
Awarding Authority
Kashipur Municipal Corporation, Government of Uttarakhand
Project Cost
₹220 crore, inclusive of GST
Estimated Revenue
Approximately ₹300 crore, inclusive of GST
Construction Period
Approximately 36 months
Concession Period
29 years and 11 months
Extension Option
Extendable by a further 29 years and 11 months
Project Type
Domestic
Nature of Contract
Feasibility, planning, designing, redevelopment, construction, upgradation, strengthening, operation and maintenance
DBFOT और PPP मॉडल पर होगा विकास
यह प्रोजेक्ट DBFOT मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा। इस व्यवस्था में डिजाइन और निर्माण के साथ वित्तपोषण, संचालन और बाद में हस्तांतरण की जिम्मेदारियां तय शर्तों के अनुसार निभाई जाती हैं। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल में लागू किया जाएगा। कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, Urban Challenge Fund केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य शहरी विकास में बदलाव लाना और शहरों को बाजार आधारित वित्तपोषण तथा एकीकृत क्षेत्रीय विकास की दिशा में प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत कार्यशील पूंजी केंद्र और राज्य सरकार उपलब्ध कराएंगे, जबकि राजस्व विकसित संपत्तियों की बिक्री के अनुसार सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त होगा।
REPL के लिए क्यों अहम है यह कॉन्ट्रैक्ट?
यह ऑर्डर REPL और उसके कंसोर्टियम पार्टनर के लिए शहरी बुनियादी ढांचे और नगर विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इसमें योजना बनाने से लेकर निर्माण, संचालन और रखरखाव तक कई तरह के काम शामिल हैं।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑर्डर देने वाली संस्था घरेलू सरकारी निकाय है। फाइलिंग में प्रमोटर या प्रमोटर समूह की कंपनियों के इस इकाई में हित होने की जानकारी नहीं दी गई है। साथ ही, कंपनी ने बताया है कि यह कॉन्ट्रैक्ट संबंधित पक्षों के बीच होने वाला लेनदेन नहीं है।
कुल मिलाकर, काशीपुर का यह प्रोजेक्ट अगले लगभग तीन वर्षों में निर्माण कार्य और उसके बाद लंबी कंसेशन अवधि के लिए विकास, संचालन और रखरखाव से जुड़ा है।