Sigma Advanced को NATO से मिला ₹174 करोड़ का ऑर्डर, 155 mm आर्टिलरी गोला-बारूद के लिए करेगी सप्लाई

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Sigma Advanced Systems के लिए डिफेंस सेक्टर से बड़ी खबर है। कंपनी ने 19.7 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹174 करोड़ का ऑर्डर हासिल किया है। यह ऑर्डर उत्तर अमेरिकी क्षेत्र के NATO डिफेंस इकोसिस्टम से जुड़े एक ग्राहक से मिला है। इसके तहत कंपनी 155 mm आर्टिलरी गोला-बारूद के लिए विशेष सहायक सबसिस्टम का निर्माण और सप्लाई करेगी। कंपनी ने 21 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में बताया कि इस ऑर्डर को वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 2027) तक पूरा करने की योजना है। इसका निर्माण Sigma के अपने मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क के भीतर किया जाएगा।

मई 2026 के बाद 155 mm सेगमेंट में पांचवां बड़ा पड़ाव

यह मई 2026 के बाद 155 mm आर्टिलरी सेगमेंट में Sigma का पांचवां कारोबारी पड़ाव है। कंपनी अब केवल गोला-बारूद के अलग-अलग हिस्सों की सप्लाई तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग से जुड़ी व्यापक भूमिका बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अब तक कंपनी के पोर्टफोलियो में शेल बॉडी, फिल्ड फ्यूज, एडवांस्ड बेस-ब्लीड शेल टेक्नोलॉजी और कोर्स-करेक्शन फ्यूज से जुड़ा सहयोग शामिल रहा है। नए ऑर्डर से विशेष सहायक सबसिस्टम भी इसमें जुड़ जाएंगे।

Sigma Advanced के हालिया डिफेंस ऑर्डर पर एक नजर

कंपनी ने मई 2026 से अक्टूबर 2026 के बीच 155 mm आर्टिलरी सेगमेंट में कई अहम कारोबारी उपलब्धियां हासिल की हैं।

Timeline & ProjectOrder Value / AgreementKey Details
May 2026 – Filled FuzesUS$11.4 millionManufacturing and supply of M557 filled fuzes for 155 mm artillery ammunition.
June 2026 – M107 Shell BodiesUS$21.97 millionExpanded capabilities from fuze manufacturing to high-precision artillery shell-body production.
July 2026 – Base-Bleed Shell BodiesUS$104.9 millionParticipation in an advanced, extended-range artillery shell-body programme.
October 2026 – Course-Correction Fuze CollaborationExclusive MoUCollaboration with Munitions India Limited on course-correction fuzes and related technologies.
October 2026 – Ancillary SubsystemsUS$19.7 millionOrder for the manufacture and supply of specialised artillery ammunition subsystems.

डिफेंस सेक्टर में क्यों बढ़ रही है ऐसी मांग?

रूस-यूक्रेन युद्ध ने बड़े सैन्य संघर्षों में आर्टिलरी गोला-बारूद की भारी खपत और लगातार उत्पादन क्षमता की जरूरत को उजागर किया है। इसके बाद NATO सदस्य देशों और उनके सहयोगियों ने अपने भंडार को फिर से भरने, लंबे समय के लिए खरीद समझौते करने और गोला-बारूद निर्माण की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया है। यूरोपीय संघ ने 2024 में €500 मिलियन की फंडिंग के साथ Act in Support of Ammunition Production (ASAP) शुरू किया था। इसका उद्देश्य उत्पादन से जुड़ी बाधाओं को दूर करना और यूरोप की गोला-बारूद निर्माण क्षमता को मजबूत करना था। NATO ने भी मांग को एक साथ जोड़ने, बहुवर्षीय खरीद और औद्योगिक क्षमता बढ़ाने से जुड़ी पहल की है।

इस माहौल में विशेष पुर्जों और सबसिस्टम की भरोसेमंद सप्लाई भी अहम हो गई है। Sigma जैसी कंपनियों के लिए इससे अंतरराष्ट्रीय डिफेंस प्रोग्राम में अपनी भूमिका बढ़ाने के अवसर बन सकते हैं।

अलग-अलग पुर्जों से आगे बढ़ने की रणनीति

Sigma Advanced के नए ऑर्डर की अहमियत केवल इसकी रकम तक सीमित नहीं है। शेल बॉडी का निर्माण सटीक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर निर्भर करता है, जबकि फ्यूज टेक्नोलॉजी और सहायक सबसिस्टम में इंजीनियरिंग, इंटीग्रेशन, उत्पादन प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण की अधिक जरूरत होती है। कंपनी के अनुसार, अलग-अलग घटकों और सबसिस्टम में अनुभव होने से वह ग्राहकों की अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए भी अपनी क्षमता बढ़ा सकती है। हालांकि, ऐसे अवसरों का लाभ प्रोग्राम की योग्यता, ग्राहक की जरूरतों और व्यावसायिक समझौतों पर निर्भर करेगा।

Sigma Advanced का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में अपनी मौजूदगी मजबूत करना और 155 mm आर्टिलरी इकोसिस्टम के कई हिस्सों में इंजीनियरिंग व उत्पादन क्षमता विकसित करना है।

Sigma Advanced

CEO ने ऑर्डर पर क्या कहा?

Sigma Advanced Systems के CEO सुनील कालिदिंडी ने कहा कि वैश्विक डिफेंस ग्राहक अब केवल अलग-अलग पुर्जों की सप्लाई करने वाली कंपनियों के बजाय ऐसे साझेदार तलाश रहे हैं, जो गोला-बारूद की सप्लाई चेन में अधिक जटिल मैन्युफैक्चरिंग जरूरतों को पूरा कर सकें। उन्होंने कहा कि यह ऑर्डर 155 mm सेगमेंट में कंपनी द्वारा विकसित क्षमताओं को आगे बढ़ाता है और अंतरराष्ट्रीय डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में उसकी भूमिका को व्यापक बनाने की दिशा में एक और कदम है। कंपनी का ध्यान अधिक तकनीकी रूप से जटिल प्रोग्राम में भागीदारी और ग्राहकों की बदलती जरूरतों के अनुरूप क्षमता विकसित करने पर है।

आगे क्या है कंपनी की योजना?

Sigma Advanced Systems एयरोस्पेस और डिफेंस इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में काम करती है। इसकी क्षमताओं में प्रिसिजन इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस कंपोनेंट्स, डिफेंस सिस्टम और विशेष मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के साथ अपने संबंधों, इंजीनियरिंग क्षमताओं और वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क का विस्तार कर रही है। नए ऑर्डर का निर्धारित समय Q2 2027 है, जबकि आगे अतिरिक्त ऑर्डर या लंबे समय की सप्लाई व्यवस्था ग्राहक की मांग, प्रोग्राम के प्रदर्शन और आपसी व्यावसायिक शर्तों पर निर्भर करेगी।

Source :- https://www.bseindia.com/xml-data/corpfiling/AttachLive/e1252544-d18b-4916-b142-b0c00e6061a9.pdf

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REPL को काशीपुर नगर निगम से मिला ₹220 करोड़ का प्रोजेक्ट, 29 साल से ज्यादा की होगी रियायत अवधि

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Rudrabhishek Enterprises Limited (REPL) के लिए कारोबार से जुड़ी बड़ी खबर है। कंपनी ने New Modern Buildwell Pvt. Ltd. (NMBPL) के साथ कंसोर्टियम में उत्तराखंड के काशीपुर नगर निगम से करीब ₹220 करोड़ का कंसल्टेंसी और कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। यह प्रोजेक्ट Urban Challenge Fund (UCF) के तहत काशीपुर के नगर निगम परिसर के विकास से जुड़ा है।

कंपनी ने 21 अक्टूबर 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को इसकी जानकारी दी। प्रोजेक्ट को DBFOT (Design-Build-Finance-Operate-Transfer) मॉडल के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) में विकसित किया जाएगा।

काशीपुर में क्या-क्या बनेगा?

इस प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम परिसर में कई तरह की व्यावसायिक और सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। इनमें शामिल हैं:

व्यवस्थित कमर्शियल दुकानें(Organized Commercial Shops)
मल्टी-लेवल पार्किंग(Multi-Level Parking)
आंतरिक सड़कें और सर्कुलेशन रोड(Internal Roads and Circulation Roads)
आधुनिक फसाड और इंफ्रास्ट्रक्चर(Modern Facade and Infrastructure)
AI और टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर(AI and Technology Innovation Centres)
फूड कोर्ट और पब्लिक प्लाजा(Food Court and Public Plaza)
होटल और एंटरटेनमेंट जोन(Hotels and Entertainment Zones)
मल्टीप्लेक्स(Multiplex)
नगर निगम का ऑफिस ब्लॉक(Municipal Corporation Office Block)
ग्रेड-A ऑफिस स्पेस(Grade-A Office Space)
स्ट्रीटस्केप सुधार और स्मार्ट यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर(Streetscape Improvements and Smart Utility Infrastructure)

इस विकास योजना का उद्देश्य नगर निगम परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों और सार्वजनिक सुविधाओं को एक साथ विकसित करना है।

प्रोजेक्ट की लागत और अनुमानित कमाई

REPL की एक्सचेंज फाइलिंग में प्रोजेक्ट की कुल लागत और अनुमानित राजस्व की जानकारी भी दी गई है।

ParticularsDetails
Awarding AuthorityKashipur Municipal Corporation, Government of Uttarakhand
Project Cost₹220 crore, inclusive of GST
Estimated RevenueApproximately ₹300 crore, inclusive of GST
Construction PeriodApproximately 36 months
Concession Period29 years and 11 months
Extension OptionExtendable by a further 29 years and 11 months
Project TypeDomestic
Nature of ContractFeasibility, planning, designing, redevelopment, construction, upgradation, strengthening, operation and maintenance
REPL

DBFOT और PPP मॉडल पर होगा विकास

यह प्रोजेक्ट DBFOT मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा। इस व्यवस्था में डिजाइन और निर्माण के साथ वित्तपोषण, संचालन और बाद में हस्तांतरण की जिम्मेदारियां तय शर्तों के अनुसार निभाई जाती हैं। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल में लागू किया जाएगा। कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, Urban Challenge Fund केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य शहरी विकास में बदलाव लाना और शहरों को बाजार आधारित वित्तपोषण तथा एकीकृत क्षेत्रीय विकास की दिशा में प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत कार्यशील पूंजी केंद्र और राज्य सरकार उपलब्ध कराएंगे, जबकि राजस्व विकसित संपत्तियों की बिक्री के अनुसार सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त होगा।

REPL के लिए क्यों अहम है यह कॉन्ट्रैक्ट?

यह ऑर्डर REPL और उसके कंसोर्टियम पार्टनर के लिए शहरी बुनियादी ढांचे और नगर विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इसमें योजना बनाने से लेकर निर्माण, संचालन और रखरखाव तक कई तरह के काम शामिल हैं।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑर्डर देने वाली संस्था घरेलू सरकारी निकाय है। फाइलिंग में प्रमोटर या प्रमोटर समूह की कंपनियों के इस इकाई में हित होने की जानकारी नहीं दी गई है। साथ ही, कंपनी ने बताया है कि यह कॉन्ट्रैक्ट संबंधित पक्षों के बीच होने वाला लेनदेन नहीं है।

कुल मिलाकर, काशीपुर का यह प्रोजेक्ट अगले लगभग तीन वर्षों में निर्माण कार्य और उसके बाद लंबी कंसेशन अवधि के लिए विकास, संचालन और रखरखाव से जुड़ा है।

Source :- https://nsearchives.nseindia.com/corporate/REPL_21102026113152_Intimation_Work_Order_Kashipur_Project.pdf 
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