’56 इंच का सीना कहां गया?’ गोवा में Rahul Gandhi का मोदी, शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त पर तीखा हमला

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’56 इंच का सीना कहां गया?’ गोवा में Rahul Gandhi का मोदी, शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त पर तीखा हमला

Rahul Gandhi ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तीनों को अपने किए की कीमत चुकानी पड़ेगी और न्याय का सामना करना होगा।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने रविवार को गोवा में कांग्रेस की ‘गोय राखोन यात्रा’ (गोवा बचाओ मार्च) में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ मार्च किया। बाद में मडगांव में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए।

Rahul Gandhi ने कहा कि पूरा देश जानता है कि क्या हो रहा है। उनके मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कथित वोट चोरी को लागू करते हैं, अमित शाह इसकी व्यवस्था संभालते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर्दे के पीछे से इसकी पूरी योजना बनाते हैं।

उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार को उनके कथित कृत्यों के लिए न्याय का सामना करना पड़ेगा और इसकी कीमत चुकानी होगी।

’56 इंच का सीना कहां गया?’

Rahul Gandhi ने दावा किया कि कांग्रेस जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर निपटेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार की ‘एक्सपायरी डेट’ नजदीक आ रही है।

Rahul Gandhi ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा, “क्या आपने हाल में मोदी जी का चेहरा देखा है?” 56 इंच का सीना कहां गया?”

उन्होंने दावा किया कि अब प्रधानमंत्री उनके सामने खड़े होने की स्थिति में भी नहीं हैं। राहुल के मुताबिक, युवा अब उनके खिलाफ खड़े हो रहे हैं और देश की जनता नरेंद्र मोदी तथा अमित शाह की सच्चाई समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि अब चाहे कितनी भी बड़ी ताकत लगा दी जाए या प्रचार पर कितना भी पैसा खर्च किया जाए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

‘संविधान पर हमला हमारे धर्म पर हमला है’

Rahul Gandhi ने कहा कि कांग्रेस संविधान की रक्षा करने वाली पार्टी है और इसे अपना धर्म मानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित वोट चोरी के जरिए संविधान पर हमला किया गया है, जिसे कांग्रेस स्वीकार नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि जिस दिन देश की जनता पूरी तरह सच्चाई समझ जाएगी, उस दिन यह मामला खत्म हो जाएगा। राहुल ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह भी इस बात को जानते हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि वह कथित तौर पर रात में चैन से सो भी नहीं पा रहे हैं।

छात्रों पर कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल

Rahul Gandhi ने देश की शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भारत का शिक्षा तंत्र कभी दुनिया भर में अपनी पहचान रखता था, लेकिन अब छात्र प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों पर लाठियां चलाई जा रही हैं और उनके साथ मारपीट की जा रही है। राहुल के मुताबिक, छात्र कथित वोट चोरी, बेरोजगारी और शिक्षा की बढ़ती लागत को लेकर जवाबदेही मांग रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों का जवाब देने के बजाय उन पर कार्रवाई कर रही है।

Rahul Gandhi ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में आरएसएस से जुड़े लोगों को पदों पर नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुलपति बनने के लिए अब विषय की जानकारी से ज्यादा आरएसएस की शाखा से जुड़ाव को महत्व दिया जा रहा है।

Rahul Gandhi ने कहा कि भारत किसी एक संगठन, आरएसएस या बीजेपी का नहीं, बल्कि देश के लोगों का है।

कई राज्यों में ‘वोट चोरी’ का आरोप

Rahul Gandhi ने दावा किया कि कांग्रेस ने सबूतों के साथ मध्य प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और असम में कथित वोट चोरी के मामलों को उजागर किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों और उनके समर्थकों के वोट काटे जाते हैं, जबकि अपने समर्थकों के वोट बढ़ाए जाते हैं। राहुल के मुताबिक, मतदाताओं को एक जिले और राज्य से दूसरे जिले या राज्य में स्थानांतरित भी किया जाता है।

उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ 45 से ज्यादा मानहानि के मामले चल रहे हैं, जिनमें अमित शाह और नरेंद्र मोदी से जुड़े मामले भी शामिल हैं। इसके बावजूद वह हर मंच से वोट चोरी का आरोप लगाते हैं और इस मुद्दे पर उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाता।

राहुल ने दावा किया कि सरकार को डर है कि यदि वोट चोरी का मामला कानूनी प्रक्रिया में गया, तो वह खुद इसमें उलझ जाएगी।

Rahul Gandhi

‘गोवा को भ्रष्टाचार का मॉडल बना दिया’

गोवा की बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए Rahul Gandhi ने आरोप लगाया कि राज्य में गरीबों और किसानों की जमीन छीनी जा रही है और उसे दूसरे राज्यों के लोगों को बेचा जा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया।

राहुल ने कहा कि गोवा सरकार का मुख्य काम लोगों को लूटना, उनकी जमीन छीनना और उसे अरबपतियों को सौंपना रह गया है।

उन्होंने दावा किया कि गोवा में देश की सबसे अधिक बेरोजगारी दर है और यहां के युवाओं के पास भविष्य के पर्याप्त अवसर नहीं हैं, जिसके कारण वे विदेश जा रहे हैं। राहुल ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं की संपत्ति बढ़ रही है और मुख्यमंत्री के परिवार की संपत्ति में भी इजाफा हो रहा है, जबकि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा।

आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस को समर्थन देने की अपील

Rahul Gandhi ने गोवा के लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि अगर लोग अपनी जमीन छीने जाने, रोजाना अपमान और अन्याय जैसी समस्याओं से छुटकारा चाहते हैं, तो उन्हें कांग्रेस को पूर्ण बहुमत देना होगा।

गोवा में Rahul Gandhi का यह संबोधन वोट चोरी के आरोपों, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और जमीन से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहा। उन्होंने इन मुद्दों को उठाते हुए बीजेपी सरकार और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला किया तथा आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए समर्थन मांगा।

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REPL को काशीपुर नगर निगम से मिला ₹220 करोड़ का प्रोजेक्ट, 29 साल से ज्यादा की होगी रियायत अवधि

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Rudrabhishek Enterprises Limited (REPL) के लिए कारोबार से जुड़ी बड़ी खबर है। कंपनी ने New Modern Buildwell Pvt. Ltd. (NMBPL) के साथ कंसोर्टियम में उत्तराखंड के काशीपुर नगर निगम से करीब ₹220 करोड़ का कंसल्टेंसी और कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। यह प्रोजेक्ट Urban Challenge Fund (UCF) के तहत काशीपुर के नगर निगम परिसर के विकास से जुड़ा है।

कंपनी ने 21 अक्टूबर 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को इसकी जानकारी दी। प्रोजेक्ट को DBFOT (Design-Build-Finance-Operate-Transfer) मॉडल के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) में विकसित किया जाएगा।

काशीपुर में क्या-क्या बनेगा?

इस प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम परिसर में कई तरह की व्यावसायिक और सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। इनमें शामिल हैं:

व्यवस्थित कमर्शियल दुकानें(Organized Commercial Shops)
मल्टी-लेवल पार्किंग(Multi-Level Parking)
आंतरिक सड़कें और सर्कुलेशन रोड(Internal Roads and Circulation Roads)
आधुनिक फसाड और इंफ्रास्ट्रक्चर(Modern Facade and Infrastructure)
AI और टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर(AI and Technology Innovation Centres)
फूड कोर्ट और पब्लिक प्लाजा(Food Court and Public Plaza)
होटल और एंटरटेनमेंट जोन(Hotels and Entertainment Zones)
मल्टीप्लेक्स(Multiplex)
नगर निगम का ऑफिस ब्लॉक(Municipal Corporation Office Block)
ग्रेड-A ऑफिस स्पेस(Grade-A Office Space)
स्ट्रीटस्केप सुधार और स्मार्ट यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर(Streetscape Improvements and Smart Utility Infrastructure)

इस विकास योजना का उद्देश्य नगर निगम परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों और सार्वजनिक सुविधाओं को एक साथ विकसित करना है।

प्रोजेक्ट की लागत और अनुमानित कमाई

REPL की एक्सचेंज फाइलिंग में प्रोजेक्ट की कुल लागत और अनुमानित राजस्व की जानकारी भी दी गई है।

ParticularsDetails
Awarding AuthorityKashipur Municipal Corporation, Government of Uttarakhand
Project Cost₹220 crore, inclusive of GST
Estimated RevenueApproximately ₹300 crore, inclusive of GST
Construction PeriodApproximately 36 months
Concession Period29 years and 11 months
Extension OptionExtendable by a further 29 years and 11 months
Project TypeDomestic
Nature of ContractFeasibility, planning, designing, redevelopment, construction, upgradation, strengthening, operation and maintenance
REPL

DBFOT और PPP मॉडल पर होगा विकास

यह प्रोजेक्ट DBFOT मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा। इस व्यवस्था में डिजाइन और निर्माण के साथ वित्तपोषण, संचालन और बाद में हस्तांतरण की जिम्मेदारियां तय शर्तों के अनुसार निभाई जाती हैं। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल में लागू किया जाएगा। कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, Urban Challenge Fund केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य शहरी विकास में बदलाव लाना और शहरों को बाजार आधारित वित्तपोषण तथा एकीकृत क्षेत्रीय विकास की दिशा में प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत कार्यशील पूंजी केंद्र और राज्य सरकार उपलब्ध कराएंगे, जबकि राजस्व विकसित संपत्तियों की बिक्री के अनुसार सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त होगा।

REPL के लिए क्यों अहम है यह कॉन्ट्रैक्ट?

यह ऑर्डर REPL और उसके कंसोर्टियम पार्टनर के लिए शहरी बुनियादी ढांचे और नगर विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इसमें योजना बनाने से लेकर निर्माण, संचालन और रखरखाव तक कई तरह के काम शामिल हैं।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑर्डर देने वाली संस्था घरेलू सरकारी निकाय है। फाइलिंग में प्रमोटर या प्रमोटर समूह की कंपनियों के इस इकाई में हित होने की जानकारी नहीं दी गई है। साथ ही, कंपनी ने बताया है कि यह कॉन्ट्रैक्ट संबंधित पक्षों के बीच होने वाला लेनदेन नहीं है।

कुल मिलाकर, काशीपुर का यह प्रोजेक्ट अगले लगभग तीन वर्षों में निर्माण कार्य और उसके बाद लंबी कंसेशन अवधि के लिए विकास, संचालन और रखरखाव से जुड़ा है।

Source :- https://nsearchives.nseindia.com/corporate/REPL_21102026113152_Intimation_Work_Order_Kashipur_Project.pdf 
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