सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हूतियों का फिर हमला, 12 लोगों की मौत के बाद बढ़ा तनाव; जवाबी कार्रवाई की तैयारी!
Yemen-Saudi Arabia Conflict: यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष तेज होता जा रहा है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को हुए हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद सऊदी अरब ने कड़ी जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। रविवार को हूतियों ने सऊदी अरब के प्रमुख हवाई अड्डे पर एक और हमले का दावा किया, जिसमें कई लोग घायल हुए।
रियाद एयरपोर्ट पर दोबारा हमला, कई लोग घायल
सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन के मुताबिक, रविवार शाम किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। इस हमले में लोग घायल हुए हैं। हालांकि, अधिकारियों ने घायलों की संख्या और घटना से संबंधित विस्तृत जानकारी नहीं दी।
इससे पहले सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल पर एक अज्ञात प्रक्षेपास्त्र आकर गिरा, जिससे वहां आग लग गई। गठबंधन के अनुसार, सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने एक मिसाइल को भी बीच में ही रोक दिया। (सऊदी अरब के एयरपोर्ट)
शनिवार के हमले को बताया ‘युद्ध अपराध’
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने रविवार को शनिवार को हुए हमले को ‘युद्ध अपराध’ बताया। गठबंधन ने इस हमले के लिए हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है।
सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि वह एयरपोर्ट पर हुए हमले का मजबूती से जवाब देगा। लगातार हो रहे हमलों के कारण क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
2022 के बाद फिर तेज हुई लड़ाई
यमन में संघर्ष उस समय और बढ़ गया, जब संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से लागू हुआ युद्धविराम टूट गया। यह युद्धविराम 2022 से काफी हद तक कायम था।
अब ईरान के करीबी माने जाने वाले हूती समूह और सऊदी अरब समर्थित यमन सरकार की सेनाओं के बीच लड़ाई तेज हो गई है। इससे आशंका बढ़ी है कि संघर्ष केवल यमन तक सीमित न रहकर व्यापक क्षेत्रीय टकराव का रूप ले सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि अमेरिका हूतियों के खिलाफ सऊदी अरब के सैन्य अभियानों में शामिल हो सकता है। (सऊदी अरब के एयरपोर्ट)

सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमला, बढ़ा क्षेत्रीय तनाव!
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष तेज होता जा रहा है। रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को हुए हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत की खबर है। वहीं, रविवार को एयरपोर्ट को फिर निशाना बनाए जाने की सूचना सामने आई, जिसमें कई लोग घायल हुए।
सऊदी अरब ने हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। लगातार बढ़ते संघर्ष के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि अमेरिका हूतियों के खिलाफ सऊदी अरब के सैन्य अभियानों में शामिल हो सकता है।
सऊदी अरब की जवाबी कार्रवाई कितनी बड़ी हो सकती है?
गल्फ इंटरनेशनल फोरम की कार्यकारी निदेशक डानिया थाफर के अनुसार, सऊदी अरब हूतियों के खिलाफ काफी कड़ी जवाबी कार्रवाई कर सकता है।
हालांकि, थाफर का मानना है कि सऊदी अरब अब भी तनाव कम करना चाहता है और लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष से बचने की कोशिश कर सकता है। लेकिन उनके मुताबिक, हूतियों की गतिविधियां सऊदी अरब की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए भी चुनौती बन रही हैं।
थाफर ने कहा कि मौजूदा संघर्ष को केवल एक हमले के बदले दूसरे हमले के रूप में नहीं देखा जा सकता। इसका दायरा कहीं अधिक व्यापक है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ा खतरा
रियाद के सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर लगातार हुए हमलों और यमन में बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्रीय तनाव को और गंभीर बना दिया है। सऊदी अरब की जवाबी कार्रवाई, हूतियों के अगले कदम और अमेरिका की संभावित भागीदारी पर अब स्थिति की दिशा निर्भर करेगी। (सऊदी अरब के एयरपोर्ट)
