नई दिल्ली में भारत मंडपम में आयोजित वीर बाल दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि Gen Z और Gen Alpha ही वह पीढ़ी है, जो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य तक पहुंचाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश की नई नीतियां युवाओं को केंद्र में रखकर बनाई जा रही हैं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका सबसे अहम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें आज के युवाओं की क्षमता और आत्मविश्वास पर पूरा भरोसा है। उन्होंने एक पुरानी कहावत का जिक्र करते हुए बताया कि अगर कोई बच्चा समझदारी की बात करे, तो उसे स्वीकार करना चाहिए—क्योंकि उम्र नहीं, बल्कि कर्म और उपलब्धियां महानता तय करती हैं। उनके मुताबिक, युवा न केवल बड़े काम कर सकते हैं, बल्कि कई युवा पहले ही ऐसा कर दिखा चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि ये उपलब्धियां सिर्फ शुरुआत हैं, अभी लंबा सफर तय करना बाकी है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज की पीढ़ी खुद को सौभाग्यशाली मान सकती है, क्योंकि देश उनके टैलेंट के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने पुराने दौर से तुलना करते हुए कहा कि पहले के समय में Gen Z युवा सपने देखने से भी डरते थे, लेकिन आज भारत टैलेंट को तलाशता है, उसे मंच देता है और 140 करोड़ लोगों की ताकत को उनके सपनों से जोड़ता है।

डिजिटल इंडिया की सफलता का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के युवाओं के पास इंटरनेट की ताकत और सीखने के अनगिनत संसाधन हैं। उन्होंने स्टार्टअप इंडिया, खेलो इंडिया जैसे अभियानों का उल्लेख किया और बताया कि हाल ही में उन्होंने संसद खेल महोत्सव में भी हिस्सा लिया, जो युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों का उदाहरण है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को सतर्क करते हुए कहा कि उन्हें क्षणिक लोकप्रियता की चमक में फंसने से बचना चाहिए। स्पष्ट सोच, मजबूत सिद्धांत और सही दिशा जरूरी है। उन्होंने युवाओं से देश के महान आदर्शों और व्यक्तित्वों से सीख लेने और यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि उनकी सफलता सिर्फ व्यक्तिगत न रहकर देश की सफलता बने।
उन्होंने बताया कि मेरा युवा भारत जैसे मंचों के जरिए युवाओं को जोड़ने, अवसर देने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर काम किया जा रहा है। चाहे बात स्पेस इकॉनमी, खेल, फिनटेक, मैन्युफैक्चरिंग, स्किल डेवलपमेंट या इंटर्नशिप की हो—हर पहल के केंद्र में युवा ही हैं और हर सेक्टर में उनके लिए नए अवसर खुल रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर बाल दिवस के महत्व को भी याद किया। उन्होंने बताया कि 9 जनवरी 2022 को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर यह घोषणा की गई थी कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाएगा। यह दिन साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के बलिदान की स्मृति में समर्पित है, जिनका अद्वितीय साहस आज भी पीढ़ियों को प्रेरणा देता है।
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