बजट 2026 पर बड़ी तैयारी: कर्ज पर लगाम, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर को नहीं होगी ब्रेक!

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार के आगामी बजट 2026-27 में एक संतुलित रणनीति देखने को मिल सकती है, जहां एक तरफ मध्यम अवधि में सरकारी कर्ज को नियंत्रित करने पर जोर होगा, वहीं दूसरी ओर इंफ्रास्ट्रक्चर पर मजबूत निवेश की रफ्तार भी बनी रहेगी। रेटिंग एजेंसी ICRA की प्री-बजट रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है।

इस बजट की अहमियत इसलिए भी ज्यादा मानी जा रही है क्योंकि यह 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप तैयार होने वाला पहला बजट होगा। यही आयोग आने वाले पांच वर्षों के लिए केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय हिस्सेदारी और संसाधनों के बंटवारे का रूप-रेखा तय करेगा।

घाटा घटाने की दिशा में कदम

ICRA के मुताबिक, 2026-27 में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 4.3 प्रतिशत तक सीमित रह सकता है। यह 2025-26 के लिए बजट में तय 4.4 प्रतिशत के स्तर से थोड़ा कम है। इस अनुमान के पीछे नाममात्र GDP में करीब 9.8 प्रतिशत की संभावित वृद्धि को आधार माना गया है।

टैक्स और उधारी पर नजर

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार को प्रत्यक्ष करों (income tax ) से मजबूत बढ़त मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, FY27 में बाजार से उधारी का स्तर बढ़ सकता है, ताकि एक तरफ वित्तीय अनुशासन बना रहे और दूसरी ओर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं ( Infrastructure projects ) पर खर्च की गति भी प्रभावित न हो।

सारांश

कुल मिलाकर, संकेत यही हैं कि सरकार 2026-27 के बजट में वित्तीय संतुलन और विकास दोनों को साथ लेकर चलने की कोशिश करेगी—जहां कर्ज पर नियंत्रण होगा, लेकिन सड़क, रेल और अन्य बुनियादी ढांचे पर निवेश की रफ्तार बनी रहेगी।

Goverment Official Website :- https://www.indiabudget.gov.in/

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Refex Industries को मिला ₹32.44 करोड़ का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, सरकारी कंपनी से मिला राख के ट्रांसपोर्टेशन का काम

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Refex Industries Limited ने 17 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि कंपनी को मिनिस्ट्री ऑफ पावर के अंतर्गत आने वाली एक महारत्न सरकारी कंपनी से राख के परिवहन के लिए रेट कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट मिनिस्ट्री ऑफ पावर के अंतर्गत आने वाली एक महारत्न कंपनी से प्राप्त हुआ है, जिसकी अधिकतम कुल वैल्यू GST सहित ₹32.44 करोड़ है।

राख के परिवहन के लिए मिला कॉन्ट्रैक्ट

Refex Industries के अनुसार, इस कॉन्ट्रैक्ट में राख की खुदाई, लोडिंग, परिवहन और डाइक (Dykes) से अनलोडिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं। यह काम सरकारी क्षेत्र की एक महारत्न कंपनी के लिए किया जाएगा। कंपनी ने बताया कि यह रेट कॉन्ट्रैक्ट एक साल के लिए वैध रहेगा। जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि को अतिरिक्त छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

Refex Industries

ऑर्डर से जुड़ी अहम जानकारी

ParticularsDetails
CompanyRefex Industries Limited
Order Awarding EntityMaharatna PSU under the Ministry of Power
Maximum Contract Value₹32,44,50,000 (Including GST)
Contract Duration1 Year
Extension PeriodUp to an Additional 6 Months
Scope of WorkAsh Excavation, Loading, Transportation, and Unloading
Order TypeDomestic
Promoter Group InterestNo
Related Party TransactionNo

सरकारी कंपनी के साथ घरेलू कॉन्ट्रैक्ट

कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, यह कॉन्ट्रैक्ट घरेलू श्रेणी में आता है। इसमें प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप का कोई हित नहीं है। साथ ही, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह सौदा रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के अंतर्गत नहीं आता।

Refex Industries ने यह जानकारी SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशन, 2015 के रेगुलेशन 30 के तहत साझा की है।

निष्कर्ष

Refex Industries को मिला यह कॉन्ट्रैक्ट राख के परिवहन और उससे जुड़ी सेवाओं के लिए है। इसकी अधिकतम वैल्यू GST सहित ₹32.44 करोड़ है और शुरुआती अवधि एक साल रखी गई है, जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

Source :- https://www.bseindia.com/xml-data/corpfiling/AttachLive/d7776ca9-3a48-4cc4-bf48-fb8ab40c6dc1.pdf

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