B.Com–BBA Semester-2: Company Law का पूरा सिलेबस जारी, जानिए क्या-क्या पढ़ाया जाएगा

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कॉमर्स और मैनेजमेंट के छात्रों के लिए Company Law / Corporate Law एक अहम विषय माना जाता है। B.Com और BBA Semester-2 के लिए इस विषय का सिलेबस न सिर्फ कंपनियों के कानूनी ढांचे को समझाता है, बल्कि कॉर्पोरेट मैनेजमेंट की बुनियादी प्रक्रियाओं से भी रूबरू कराता है।

UNIT–I: Company Law की बुनियादी समझ

इस यूनिट में छात्रों को कंपनी की मूल अवधारणा से परिचित कराया जाएगा।

  • कंपनी का अर्थ और विशेषताएं (Meaning and Characteristics of a Company )
    कंपनी क्या होती है और इसकी मुख्य खूबियां जैसे अलग कानूनी अस्तित्व, सीमित दायित्व, स्थायी उत्तराधिकार और कॉमन सील की अवधारणा।
  • कॉरपोरेट परदा उठाना (Lifting of Corporate Veil)
    किन परिस्थितियों में कानून कंपनी और उसके मालिकों के बीच की कानूनी दीवार हटाता है।
  • Company Law का प्रशासन ( Administration of Company Law )
    NCLT, NCLAT और स्पेशल कोर्ट की भूमिका और अधिकार।
  • कंपनियों के प्रकार (Types of Companies)
    प्राइवेट, पब्लिक, सरकारी, विदेशी, वन पर्सन कंपनी, स्मॉल कंपनी, एसोसिएट, डॉर्मेंट और प्रोड्यूसर कंपनी।
  • नॉन-प्रॉफिट एसोसिएशन और अवैध संघ ( Association Not for Profit )
    इनके अर्थ, विशेषताएं और कानूनी परिणाम।
  • कंपनी का गठन ( Company formation )
    गठन की प्रक्रिया, प्रमोटर्स की भूमिका, प्री-इन्कॉरपोरेशन कॉन्ट्रैक्ट और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन।

UNIT–II: Documents और Shares

यह यूनिट कंपनी के जरूरी दस्तावेजों और शेयर से जुड़ी प्रक्रियाओं पर फोकस करती है।

  • MOA और AOA
    मेमोरेंडम और आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन का महत्व, क्लॉज और उनमें बदलाव।
  • महत्वपूर्ण सिद्धांत (Doctrines)
    कंस्ट्रक्टिव नोटिस, अल्ट्रा वायर्स और इंडोर मैनेजमेंट।
  • प्रॉस्पेक्टस ( Prospectus )
    इसके प्रकार, गलत जानकारी देने पर होने वाले परिणाम।
  • बुक बिल्डिंग और शेयर इश्यू ( Book Building and Issue of Shares )
    शेयर अलॉटमेंट, फॉरफेचर, ESOP, बोनस शेयर, बायबैक और उससे जुड़े नियम।
  • कंपनी की सदस्यता ( Membership of Company )
    सदस्य बनने के तरीके, अधिकार और जिम्मेदारियां।

UNIT–III: Management और Meetings

यह हिस्सा कंपनी के संचालन और निर्णय प्रक्रिया को समझाता है।

  • डायरेक्टर्स ( Directors )
    विभिन्न प्रकार के डायरेक्टर्स और उनकी नियुक्ति, अयोग्यता व हटाने की प्रक्रिया।
  • DIN और KMP
    डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर और प्रमुख प्रबंधकीय कर्मी।
  • मीटिंग्स ( Meetings )
    बोर्ड मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, AGM, EGM, रेजोल्यूशन, पोस्टल बैलेट और e-वोटिंग।

UNIT–IV: Dividend, Audit और Winding Up

  • डिविडेंड ( Dividend )
    डिविडेंड घोषित करने और भुगतान से जुड़े प्रावधान।
  • ऑडिट ( Audit )
    ऑडिटर की योग्यता, नियुक्ति, रोटेशन, रिपोर्ट और अधिकार।
  • कंपनी का समापन (Winding Up)
    विभिन्न तरीके और IBC, 2016 के तहत समापन प्रक्रिया।

UNIT–V: Depositories Act, 1996

इस यूनिट में शेयरों के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर जोर दिया गया है।

  • डिपॉजिटरी सिस्टम की परिभाषा और विशेषताएं
  • डिपॉजिटरी ( Depository System )
  • पार्टिसिपेंट्स और बेनिफिशियल ओनर्स के अधिकार ( Rights and Obligations of Depositories )
  • जांच ( Inquiry )
  • निरीक्षण और दंड से जुड़े प्रावधान ( Inquiry and Inspection )
  • Penalties

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, Company Law (Semester-2) का यह सिलेबस छात्रों को कॉर्पोरेट दुनिया की कानूनी संरचना, प्रबंधन और अनुपालन की मजबूत समझ देता है। यह विषय आगे की प्रोफेशनल पढ़ाई और कॉर्पोरेट करियर के लिए मजबूत आधार तैयार करता है।

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T20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश पर मंडराया बाहर होने का खतरा, ICC ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम

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2026 के T20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की राह लगभग बंद होती दिख रही है। भारत में अपने मुकाबले कराने से इनकार करने की बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की मांग उलटी पड़ गई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की आखिरी समय पर दिखाई गई एकजुटता भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के फैसले को बदलने में नाकाम रही।

आपात बैठक और वोटिंग का फैसला

बुधवार, 21 जनवरी को ICC बोर्ड की एक आपात वर्चुअल बैठक हुई, जिसमें बांग्लादेश की अपील पर चर्चा की गई। 16 सदस्यीय बोर्ड में से सिर्फ दो देशों—पाकिस्तान और बांग्लादेश—ने मांग के समर्थन में वोट किया। बाकी सभी सदस्यों ने अनुरोध खारिज कर दिया।

24 घंटे का समय, नहीं तो बाहर

बैठक के बाद ICC ने BCB को अंतिम चेतावनी दी। बोर्ड को 24 घंटे के भीतर यह तय करना होगा कि टीम 7 फरवरी से 8 मार्च के बीच होने वाले वर्ल्ड कप के लिए भारत जाएगी या नहीं। अगर बांग्लादेश तय समय में हामी नहीं भरता, तो उसकी जगह किसी दूसरे देश को टूर्नामेंट में शामिल किया जाएगा। माना जा रहा है कि ऐसी स्थिति में ग्रुप C में स्कॉटलैंड को मौका मिल सकता है। अब BCB को अंतिम फैसला लेने के लिए अपनी सरकार से भी सलाह करनी होगी।

सुरक्षा को लेकर ICC का रुख

ICC ने बैठक में सुरक्षा से जुड़े सभी आकलनों की समीक्षा की, जिनमें स्वतंत्र एजेंसियों की रिपोर्ट भी शामिल थी। बोर्ड का कहना है कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों, फैंस, मीडिया और अधिकारियों के लिए किसी भी तरह का विश्वसनीय खतरा नहीं पाया गया है। इसी वजह से मैचों को श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग को खारिज कर दिया गया।

ग्रुप बदलने की योजना भी नाकाम

BCB ने आयरलैंड के साथ ग्रुप स्वैप का सुझाव भी दिया था, क्योंकि आयरलैंड अपने सभी मैच श्रीलंका में खेल रहा है। हालांकि यह प्रस्ताव शुरुआत से ही कमजोर माना जा रहा था। उसी दिन क्रिकेट आयरलैंड ने साफ कर दिया था कि उन्हें ICC से आश्वासन मिला है कि उनका शेड्यूल नहीं बदलेगा। बैठक में भी यही बात दोहराई गई।

ICC का आधिकारिक बयान

बोर्ड मीटिंग के बाद ICC ने एक बयान जारी करते हुए कहा,
“सभी सुरक्षा जांचों और स्वतंत्र रिपोर्टों के मुताबिक, भारत के किसी भी टूर्नामेंट स्थल पर बांग्लादेशी खिलाड़ियों, मीडिया कर्मियों, अधिकारियों और प्रशंसकों की सुरक्षा को लेकर कोई विश्वसनीय खतरा नहीं पाया गया है।”

मुस्ताफिजुर और IPL विवाद पर प्रतिक्रिया

ICC के एक प्रवक्ता ने यह भी साफ किया कि BCB द्वारा मुस्ताफिजुर रहमान के IPL से बाहर होने को सुरक्षा मुद्दे से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले कई हफ्तों से ICC और BCB के बीच लगातार बातचीत चल रही थी, जिसमें सुरक्षा रिपोर्ट, स्थल-स्तरीय सुरक्षा योजनाएं और मेजबान देशों से औपचारिक आश्वासन साझा किए गए। इन सभी में यही निष्कर्ष निकला कि भारत में बांग्लादेशी टीम की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस खतरा नहीं है।

आखिरी मोड़ पर टूर्नामेंट की तस्वीर

अब गेंद BCB के पाले में है। अगले 24 घंटे यह तय करेंगे कि बांग्लादेश T20 वर्ल्ड कप 2026 का हिस्सा रहेगा या उसकी जगह किसी और टीम को मौका मिलेगा। ICC का संदेश साफ है—सुरक्षा के आधार पर मैचों के स्थान में बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं है।

Image Credit: ICC (International Cricket Council)

Q1. बांग्लादेश को T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने का खतरा क्यों है?

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भारत में अपने मैच खेलने से इनकार किया है और उन्हें किसी दूसरे देश में शिफ्ट करने की मांग की है। ICC ने इस मांग को खारिज कर दिया है और बांग्लादेश को तय समय में फैसला लेने के लिए अल्टीमेटम दिया है।

Q2. ICC ने बांग्लादेश को कितना समय दिया है?

ICC ने BCB को 24 घंटे का समय दिया है। अगर इस दौरान बांग्लादेश टीम भारत जाने के लिए तैयार नहीं होती, तो उसे टूर्नामेंट से बाहर किया जा सकता है।

Q3. अगर बांग्लादेश बाहर होता है तो उसकी जगह कौन ले सकता है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को ग्रुप C में शामिल किया जा सकता है।

Q4. ICC ने सुरक्षा को लेकर क्या कहा है?

ICC का कहना है कि सभी सुरक्षा आकलनों और स्वतंत्र रिपोर्टों में यह पाया गया है कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों, अधिकारियों, मीडिया और फैंस के लिए कोई विश्वसनीय खतरा नहीं है।

Q5. पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर क्या भूमिका निभाई?

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बांग्लादेश की मांग का समर्थन किया था, लेकिन ICC बोर्ड की बैठक में सिर्फ पाकिस्तान और बांग्लादेश ने ही इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया।

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