किसानों के लिए सोलर बूस्ट: सात्विक ग्रीन एनर्जी को ₹13.50 करोड़ का बड़ा ऑर्डर

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Saatvik Green Energy, किसानों

रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Saatvik Green Energy Limited ने महाराष्ट्र में सोलर पंप परियोजना के लिए एक अहम कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। कंपनी को Maharashtra State Electricity Distribution Company Limited (MSEDCL) से ₹13.50 करोड़ (GST अलग) का ऑर्डर मिला है।

🔹 क्या है यह प्रोजेक्ट?

यह कॉन्ट्रैक्ट 815 ऑफ-ग्रिड DC सोलर फोटोवोल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम्स की डिज़ाइन, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, ट्रांसपोर्ट, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग से जुड़ा है। यह पूरी परियोजना मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना / PM KUSUM B स्कीम के तहत लागू की जाएगी।

🔹 पंप की क्षमता और कवरेज

इस ऑर्डर के तहत 3HP, 5HP और 7.5HP क्षमता वाले सोलर पंप महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में चिन्हित किसान स्थलों पर लगाए जाएंगे। कॉन्ट्रैक्ट में 5 साल की वारंटी, रिपेयर-मेंटेनेंस और रिमोट मॉनिटरिंग सपोर्ट भी शामिल है, जिससे लंबे समय तक सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।

📊 ऑर्डर की मुख्य डिटेल्स

पैरामीटरविवरण
ऑर्डर वैल्यू₹13.50 करोड़ (GST अलग)
क्लाइंटMSEDCL
कुल पंप815
पंप क्षमता3HP, 5HP, 7.5HP
इंस्टॉलेशन टाइमलाइनNTP / वर्क ऑर्डर से 60 दिन
सर्विस अवधि5 साल की मेंटेनेंस व रिमोट मॉनिटरिंग

🔹समयसीमा और सर्विस कमिटमेंट

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि NTP या सर्किल ऑफिस से वर्क ऑर्डर मिलने के 60 दिनों के भीतर सभी सिस्टम इंस्टॉल और कमीशन कर दिए जाएंगे। रिमोट मॉनिटरिंग की सुविधा के साथ यह प्रोजेक्ट पूरे वारंटी पीरियड में ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखेगा।

🔹 सरकार की योजना से जुड़ाव

PM KUSUM B स्कीम का मकसद किसानों को ग्रिड बिजली पर निर्भरता से मुक्त करना और सोलर आधारित कृषि उपकरणों को बढ़ावा देना है। इस प्रोजेक्ट के जरिए सात्विक ग्रीन एनर्जी की मौजूदगी महाराष्ट्र के एग्री-सोलर मार्केट में और मजबूत होती दिख रही है।

🔹रेगुलेटरी पारदर्शिता

कंपनी के मुताबिक यह एक घरेलू ऑर्डर है और इसमें कोई रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन शामिल नहीं है। ऑर्डर की जानकारी SEBI लिस्टिंग रेगुलेशंस (रेगुलेशन 30) के तहत सार्वजनिक की गई है।

🔹कंपनी प्रोफाइल

सात्विक ग्रीन एनर्जी भारत की अग्रणी सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल है।

  • ऑपरेशनल कैपेसिटी: 3.80 GW (31 मार्च 2025 तक)
  • अब तक 2.50 GW से अधिक हाई-एफिशिएंसी सोलर मॉड्यूल की सप्लाई
  • EPC और O&M सर्विसेज में भी मजबूत मौजूदगी
  • Mono PERC और N-TopCon जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी पर आधारित सोलर मॉड्यूल पोर्टफोलियो

👉 कुल मिलाकर, यह ऑर्डर न सिर्फ कंपनी के ऑर्डर बुक को मजबूती देता है, बल्कि किसानों के लिए सस्टेनेबल एनर्जी की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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बजट 2026 पर बड़ी तैयारी: कर्ज पर लगाम, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर को नहीं होगी ब्रेक!

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार के आगामी बजट 2026-27 में एक संतुलित रणनीति देखने को मिल सकती है, जहां एक तरफ मध्यम अवधि में सरकारी कर्ज को नियंत्रित करने पर जोर होगा, वहीं दूसरी ओर इंफ्रास्ट्रक्चर पर मजबूत निवेश की रफ्तार भी बनी रहेगी। रेटिंग एजेंसी ICRA की प्री-बजट रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है।

इस बजट की अहमियत इसलिए भी ज्यादा मानी जा रही है क्योंकि यह 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप तैयार होने वाला पहला बजट होगा। यही आयोग आने वाले पांच वर्षों के लिए केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय हिस्सेदारी और संसाधनों के बंटवारे का रूप-रेखा तय करेगा।

घाटा घटाने की दिशा में कदम

ICRA के मुताबिक, 2026-27 में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 4.3 प्रतिशत तक सीमित रह सकता है। यह 2025-26 के लिए बजट में तय 4.4 प्रतिशत के स्तर से थोड़ा कम है। इस अनुमान के पीछे नाममात्र GDP में करीब 9.8 प्रतिशत की संभावित वृद्धि को आधार माना गया है।

टैक्स और उधारी पर नजर

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार को प्रत्यक्ष करों (income tax ) से मजबूत बढ़त मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, FY27 में बाजार से उधारी का स्तर बढ़ सकता है, ताकि एक तरफ वित्तीय अनुशासन बना रहे और दूसरी ओर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं ( Infrastructure projects ) पर खर्च की गति भी प्रभावित न हो।

सारांश

कुल मिलाकर, संकेत यही हैं कि सरकार 2026-27 के बजट में वित्तीय संतुलन और विकास दोनों को साथ लेकर चलने की कोशिश करेगी—जहां कर्ज पर नियंत्रण होगा, लेकिन सड़क, रेल और अन्य बुनियादी ढांचे पर निवेश की रफ्तार बनी रहेगी।

Goverment Official Website :- https://www.indiabudget.gov.in/

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