Jupiter Wagons को मिला बड़ा BESS प्रोजेक्ट, ₹1,000 करोड़ ऑर्डर बुक का लक्ष्य दोहराया

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Jupiter Wagons

Jupiter Wagons Limited (JWL) ने अपने एनर्जी बिजनेस JEM Energy के जरिए उत्तराखंड में 41 MW/102.5 MWh का standalone Battery Energy Storage System (BESS) प्रोजेक्ट हासिल किया है। कंपनी ने यह प्रोजेक्ट Uttarakhand Power Corporation Limited (UPCL) से Madhav Infra Projects Limited के साथ साझेदारी में जीता है।

UPCL की टेंडर प्रक्रिया में यह साझेदारी Cluster C के लिए L1 bidder रही। यह टेंडर Tariff-Based Competitive Bidding (TBCB) मॉडल के तहत आयोजित किया गया था। प्रोजेक्ट में लगभग ₹100 करोड़ के BESS सिस्टम की सप्लाई और कमीशनिंग शामिल है।

West Bengal में भी मिला Letter of Award

कंपनी को West Bengal State Electricity Distribution Company Limited (WBSEDCL) से 50 MW/200 MWh standalone BESS project के लिए औपचारिक Letter of Award (LoA) भी मिला है। यह प्रोजेक्ट West Bengal के North 24 Parganas स्थित Jeerat 132 kV substation पर लगाया जाएगा। कंपनी ने यह प्रोजेक्ट अगस्त 2026 में हासिल किया था।

Green Energy Corridor से जुड़ा बड़ा अवसर

ये प्रोजेक्ट ऐसे समय में सामने आए हैं जब Union Cabinet ने Green Energy Corridor Phase-III को मंजूरी दी है। इस योजना में मजबूत intra-state transmission networks के साथ 50 GWh battery energy storage का प्रावधान है। कंपनी के अनुसार, उत्तराखंड और West Bengal में लगाए जा रहे substation-level storage projects इसी framework का हिस्सा हैं।

FY27 तक ₹1,000 करोड़ BESS ऑर्डर बुक का लक्ष्य

Jupiter Wagons के Managing Director Vivek Lohia ने कहा कि उत्तराखंड प्रोजेक्ट की जीत और Jeerat प्रोजेक्ट के लिए औपचारिक award, JEM Energy को एक scalable energy storage business बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

कंपनी ने FY27 तक लगभग ₹1,000 करोड़ की BESS order book बनाने का लक्ष्य दोहराया है। इसके अलावा, कंपनी को उम्मीद है कि Jupiter Electric Mobility (JEM) Q3 FY27 में EBITDA positive और FY28 तक profitable हो जाएगी।

उत्तराखंड प्रोजेक्ट के साथ JEM Energy की मौजूदगी एक नए राज्य में पहुंच गई है। कंपनी के मुताबिक, यह उसके पारंपरिक रेलवे और मोबिलिटी कारोबार से आगे बढ़कर हाई-ग्रोथ बिजनेस में विस्तार की रणनीति के अनुरूप है।

कंपनी का कारोबार

Jupiter Wagons freight wagons, locomotives, commercial vehicles और ISO marine containers के अलावा couplers, draft gears, bogies, brake systems, wheels, axles और wheel sets जैसे उत्पाद बनाती है। कंपनी की manufacturing facilities Kolkata, Jamshedpur, Indore, Jabalpur, Bangalore और Aurangabad में हैं। वहीं, इसकी subsidiary Jupiter Electric Mobility Pvt. Ltd. (JEM) commercial और industrial segments के लिए electric trucks, light commercial vehicles (eLCVs) और energy storage solutions पर काम करती है।

News Sources :- https://www.bseindia.com/xml-data/corpfiling/AttachLive/45ccb0d4-331a-4963-8b70-c990a03d9ee0.pdf

Q1. Jupiter Wagons को कौन-सा नया BESS प्रोजेक्ट मिला है?

Jupiter Wagons ने JEM Energy के जरिए Uttarakhand Power Corporation Limited से 41 MW/102.5 MWh standalone BESS project हासिल किया है।

Q2. उत्तराखंड BESS प्रोजेक्ट की अनुमानित वैल्यू कितनी है?

प्रोजेक्ट में लगभग ₹100 करोड़ के BESS सिस्टम की सप्लाई और कमीशनिंग शामिल है। jupiter jwl

Q3. Jupiter Wagons को West Bengal में कौन-सा प्रोजेक्ट मिला है?

कंपनी को WBSEDCL से 50 MW/200 MWh standalone BESS project के लिए Letter of Award मिला है। यह प्रोजेक्ट North 24 Parganas के Jeerat 132 kV substation पर है।

Q4. Jupiter Wagons का BESS order book का लक्ष्य क्या है?

कंपनी ने FY27 तक लगभग ₹1,000 करोड़ की BESS order book बनाने का लक्ष्य दोहराया है।

Q5. JEM Energy क्या काम करती है?

Jupiter Electric Mobility (JEM) electric trucks, light commercial vehicles (eLCVs) और energy storage solutions पर काम करती है।

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Refex Industries को मिला ₹32.44 करोड़ का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, सरकारी कंपनी से मिला राख के ट्रांसपोर्टेशन का काम

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Refex Industries Limited ने 17 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि कंपनी को मिनिस्ट्री ऑफ पावर के अंतर्गत आने वाली एक महारत्न सरकारी कंपनी से राख के परिवहन के लिए रेट कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट मिनिस्ट्री ऑफ पावर के अंतर्गत आने वाली एक महारत्न कंपनी से प्राप्त हुआ है, जिसकी अधिकतम कुल वैल्यू GST सहित ₹32.44 करोड़ है।

राख के परिवहन के लिए मिला कॉन्ट्रैक्ट

Refex Industries के अनुसार, इस कॉन्ट्रैक्ट में राख की खुदाई, लोडिंग, परिवहन और डाइक (Dykes) से अनलोडिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं। यह काम सरकारी क्षेत्र की एक महारत्न कंपनी के लिए किया जाएगा। कंपनी ने बताया कि यह रेट कॉन्ट्रैक्ट एक साल के लिए वैध रहेगा। जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि को अतिरिक्त छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

Refex Industries

ऑर्डर से जुड़ी अहम जानकारी

ParticularsDetails
CompanyRefex Industries Limited
Order Awarding EntityMaharatna PSU under the Ministry of Power
Maximum Contract Value₹32,44,50,000 (Including GST)
Contract Duration1 Year
Extension PeriodUp to an Additional 6 Months
Scope of WorkAsh Excavation, Loading, Transportation, and Unloading
Order TypeDomestic
Promoter Group InterestNo
Related Party TransactionNo

सरकारी कंपनी के साथ घरेलू कॉन्ट्रैक्ट

कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, यह कॉन्ट्रैक्ट घरेलू श्रेणी में आता है। इसमें प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप का कोई हित नहीं है। साथ ही, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह सौदा रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के अंतर्गत नहीं आता।

Refex Industries ने यह जानकारी SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशन, 2015 के रेगुलेशन 30 के तहत साझा की है।

निष्कर्ष

Refex Industries को मिला यह कॉन्ट्रैक्ट राख के परिवहन और उससे जुड़ी सेवाओं के लिए है। इसकी अधिकतम वैल्यू GST सहित ₹32.44 करोड़ है और शुरुआती अवधि एक साल रखी गई है, जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

Source :- https://www.bseindia.com/xml-data/corpfiling/AttachLive/d7776ca9-3a48-4cc4-bf48-fb8ab40c6dc1.pdf

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