Kim Jong उन की मौत की अफवाहों के बीच सामने आईं नई तस्वीरें, चीन में इलाज और कोमा के दावों से मची चर्चा
उत्तर कोरिया के नेता Kim Jong उन की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों के बीच सरकारी मीडिया ने उनकी नई तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों में किम एक प्रदर्शनी में जूते और महिलाओं के कपड़ों का निरीक्षण करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, उनकी मौत, कोमा और चीन में गुप्त इलाज से जुड़े दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मौत और ब्रेन हैमरेज को लेकर क्या दावा किया गया?
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कुछ अपुष्ट दावों में कहा गया कि Kim Jong उन को गंभीर ब्रेन हैमरेज हुआ था, जिसके बाद वह कोमा में चले गए और उनकी मौत हो गई।
इन दावों को चीन के बीजिंग में कथित आपातकालीन इलाज से भी जोड़ा गया। Xie नाम के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि किम के इलाज के लिए पेकिंग यूनियन मेडिकल कॉलेज अस्पताल के विशेषज्ञ उत्तर कोरिया पहुंचे थे। इसके बाद किम को इलाज के लिए बीजिंग ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
Xie ने यह भी दावा किया कि किम का शव गुप्त रूप से उत्तर कोरिया वापस लाया गया और देश का नेतृत्व उनकी मौत की खबर को सार्वजनिक होने से रोक रहा है।
हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई मेडिकल रिकॉर्ड, पहचान योग्य प्रत्यक्षदर्शी या अन्य स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए जा सकने वाले सबूत सामने नहीं आए हैं। इसके बावजूद ये दावे सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैल गए।
चीन के 9,000 सैनिकों की तैनाती का भी दावा
Kim Jong उन की कथित मौत से जुड़ी अटकलों के बीच Xie ने चीन की सैन्य गतिविधियों को लेकर भी दावा किया। उसके अनुसार, उत्तर कोरिया में संभावित सत्ता परिवर्तन और नेतृत्व संकट की आशंका के चलते चीन ने प्योंगयांग में 9,000 सैनिक भेजे थे।
उसने दावा किया कि उत्तर कोरिया में संभावित अस्थिरता को देखते हुए चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की नॉर्दर्न थिएटर कमांड को भी अलर्ट पर रखा गया था।
हालांकि, इन दावों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध रिपोर्ट में ऐसा कोई पुष्ट प्रमाण नहीं दिया गया है, जिससे यह साबित हो कि चीन ने प्योंगयांग में सैनिक तैनात किए हैं या उत्तर कोरिया में उत्तराधिकार संकट पैदा हो गया है।
Xie ने किम की बहन किम यो जोंग के देश का नियंत्रण संभालने की संभावना भी जताई। उसके पोस्ट में किम की बेटी किम जू ए और उत्तर कोरिया के देश की सत्ता में संभावित फेरबदल की आशंका भी जताई गई।
उत्तर कोरियाई अधिकारियों ने नेतृत्व में किसी बदलाव की पुष्टि नहीं की है।
नई तस्वीरों में क्या करते दिखे Kim Jong उन?
उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने सोमवार को Kim Jong उन की कुछ तस्वीरें जारी कीं। इनमें वह कपड़ों और जूतों की एक प्रदर्शनी का निरीक्षण करते नजर आ रहे हैं।
एक तस्वीर में किम झुककर एक महिला के हाथ में पकड़े छोटे गुलाबी जूते को देखते दिखाई देते हैं। दूसरी तस्वीर में वह अधिकारियों से बातचीत के दौरान दोनों हाथ फैलाकर इशारा करते नजर आते हैं। वहीं, तीसरी तस्वीर में वह एक मैनिकिन पर प्रदर्शित महिलाओं के कोट की बांह को छूते दिखाई देते हैं।
इन तस्वीरों को सरकारी मीडिया ने किम की सार्वजनिक गतिविधियों के तौर पर पेश किया है। हालांकि, तस्वीरों से यह स्वतंत्र रूप से साबित नहीं होता कि प्रदर्शनी का दौरा वास्तव में किस तारीख को हुआ था।
इसी वजह से तस्वीरों के सामने आने के बावजूद सोशल मीडिया पर चल रहे सभी दावों पर निर्णायक निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है।

Kim Jong उन की सेहत पर पहले भी उठते रहे हैं सवाल
Kim Jong उन की सेहत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय रही है। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (NIS) ने 30 सितंबर को सांसदों को बताया था कि उत्तर कोरियाई नेता का वजन लगभग 140 किलोग्राम है और गंभीर मोटापे के कारण उन्हें हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
हालांकि, एजेंसी ने उनकी सेहत में किसी गंभीर गिरावट के महत्वपूर्ण संकेत मिलने की बात नहीं कही थी। इसके लिए किम के एक नौसैनिक विध्वंसक जहाज के निरीक्षण के दौरान सीढ़ियां चढ़ने की क्षमता का हवाला दिया गया था।
2020 में भी फैली थी किम की मौत की अफवाह
Kim Jong उन की मौत को लेकर पहले भी गलत दावे सामने आ चुके हैं। वर्ष 2020 में उत्तर कोरिया छोड़कर दक्षिण कोरिया पहुंचे और बाद में वहां सांसद बने जी सेओंग-हो ने दावा किया था कि उन्हें किम की मौत का 99 प्रतिशत यकीन है। यह दावा किम की हृदय संबंधी सर्जरी के बाद किया गया था।
हालांकि, बाद में Kim Jong उन सार्वजनिक रूप से सामने आए थे। इसके बाद जी सेओंग-हो ने अपने गलत दावे के लिए माफी मांगी थी।
फिलहाल, Kim Jong उन की मौत, बीजिंग में गुप्त इलाज, चीनी सैनिकों की तैनाती और उत्तर कोरिया में संभावित सत्ता परिवर्तन से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर फैल रही अटकलों और सत्यापित जानकारी के बीच अंतर करना जरूरी है।
Real Also :- https://newzdig.com/tiger-shroff-firing-case-anil-pandit/
