Texmo Pipes पर L&T विवाद का असर, ₹25.66 करोड़ चुकाने का Arbitration आदेश

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Texmo Pipes पर L&T विवाद का असर, ₹25.66 करोड़ चुकाने का आर्बिट्रेशन आदेश

Texmo Pipes and Products News: Texmo Pipes and Products Limited को Larsen and Toubro Limited के साथ चल रहे कारोबारी विवाद में आर्बिट्रेशन अवॉर्ड का सामना करना पड़ा है। कंपनी ने 13 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि 24 सितंबर 2026 को सोल आर्बिट्रेटर ने एक फैसला सुनाया था, जिसकी सूचना कंपनी को प्राप्त हुई है। इस फैसले में Larsen and Toubro के दावे को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए ₹25.66 करोड़ का भुगतान करने का आदेश दिया गया है। इस राशि पर 8% सालाना ब्याज और लागत भी शामिल होगी।

Larsen & Toubro के साथ क्या है पूरा विवाद?

Texmo Pipes and Products Limited और Larsen and Toubro Limited के बीच कारोबारी लेनदेन से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए Arbitration की कार्यवाही शुरू हुई थी। यह कार्यवाही चेन्नई हाई कोर्ट द्वारा नियुक्त सोल आर्बिट्रेटर के सामने Arbitration and Conciliation Act, 1996 के तहत हुई। कंपनी के खुलासे के अनुसार, 24 सितंबर 2026 को आर्बिट्रेटर ने अपना फैसला सुनाया, जिसे Texmo Pipes को प्राप्त हुआ। इस फैसले में Larsen and Toubro के दावे को आंशिक रूप से स्वीकार किया गया।

₹25.66 करोड़ का भुगतान, 8% सालाना ब्याज भी

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, आर्बिट्रेशन अवॉर्ड के तहत ₹25.66 करोड़ की राशि का भुगतान करने का आदेश दिया गया है। इसके साथ 8% सालाना ब्याज और लागत भी देय होगी। दूसरी ओर, आर्बिट्रेटर ने Texmo Pipes के काउंटर-क्लेम और ₹23.51 करोड़ के बकाया वैध भुगतान संबंधी दावे को खारिज कर दिया। हालांकि, फैसले में कहा गया है कि यह मुद्दा आर्बिट्रेशन समझौते के दायरे से बाहर है, लेकिन कंपनी कानून की अदालत या उचित मंच पर इसे चुनौती दे सकती है।

कंपनी आगे क्या करेगी?

Texmo Pipes ने बताया कि वह अपने कानूनी सलाहकारों के साथ आर्बिट्रेशन अवॉर्ड का विश्लेषण और मूल्यांकन कर रही है। कंपनी के अनुसार, वह आगे उचित कानूनी कदम उठाएगी। कंपनी का मानना है कि मामले के गुण-दोष के आधार पर उसके पास मजबूत पक्ष है और वह इस मामले को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है।

Texmo Pipes

कारोबार पर क्या होगा असर?

कंपनी ने अपने स्टॉक एक्सचेंज खुलासे में कहा कि मौजूदा आर्बिट्रेशन फैसले से उसे अपने परिचालन पर किसी प्रभाव की आशंका नहीं है। हालांकि, भुगतान के आदेश, ब्याज और लागत से जुड़ी वित्तीय देनदारी फैसले का अहम हिस्सा है। Texmo Pipes ने यह जानकारी SEBI के Listing Obligations and Disclosure Requirements Regulations, 2015 के Regulation 30 के तहत साझा की है। कंपनी के कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर अजय श्रीवास्तव ने 13 अक्टूबर 2026 को यह खुलासा किया।

निष्कर्ष

Larsen and Toubro के साथ कारोबारी विवाद में Texmo Pipes को ₹25.66 करोड़, 8% सालाना ब्याज और लागत से जुड़ा आर्बिट्रेशन अवॉर्ड मिला है। कंपनी फैसले की समीक्षा कर रही है और उसने उचित कानूनी कदम उठाने की बात कही है।

Source :- https://www.bseindia.com/xml-data/corpfiling/AttachLive/96dce371-ee9d-4cc5-aabf-5112ef907afe.pdf

Q1. Texmo Pipes and Products Limited को किस कंपनी के साथ विवाद का सामना करना पड़ा है?

Texmo Pipes and Products Limited का Larsen and Toubro Limited (L&T) के साथ कारोबारी लेनदेन से जुड़ा विवाद है।

Q2. Texmo Pipes के खिलाफ कितने रुपये का आर्बिट्रेशन अवॉर्ड आया है?

आर्बिट्रेशन अवॉर्ड के तहत कंपनी को ₹25.66 करोड़ का भुगतान करने का आदेश दिया गया है। इसके साथ 8% सालाना ब्याज और लागत भी शामिल है।

Q3. आर्बिट्रेशन का फैसला कब सुनाया गया था?

सोल आर्बिट्रेटर ने 24 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया था, जिसकी जानकारी कंपनी को प्राप्त हुई।

Q4. Texmo Pipes और L&T के बीच विवाद किससे संबंधित है?

यह विवाद दोनों कंपनियों के बीच कारोबारी लेनदेन से जुड़े मामलों को लेकर है

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Refex Industries को मिला ₹32.44 करोड़ का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, सरकारी कंपनी से मिला राख के ट्रांसपोर्टेशन का काम

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Refex Industries Limited ने 17 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि कंपनी को मिनिस्ट्री ऑफ पावर के अंतर्गत आने वाली एक महारत्न सरकारी कंपनी से राख के परिवहन के लिए रेट कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट मिनिस्ट्री ऑफ पावर के अंतर्गत आने वाली एक महारत्न कंपनी से प्राप्त हुआ है, जिसकी अधिकतम कुल वैल्यू GST सहित ₹32.44 करोड़ है।

राख के परिवहन के लिए मिला कॉन्ट्रैक्ट

Refex Industries के अनुसार, इस कॉन्ट्रैक्ट में राख की खुदाई, लोडिंग, परिवहन और डाइक (Dykes) से अनलोडिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं। यह काम सरकारी क्षेत्र की एक महारत्न कंपनी के लिए किया जाएगा। कंपनी ने बताया कि यह रेट कॉन्ट्रैक्ट एक साल के लिए वैध रहेगा। जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि को अतिरिक्त छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

Refex Industries

ऑर्डर से जुड़ी अहम जानकारी

ParticularsDetails
CompanyRefex Industries Limited
Order Awarding EntityMaharatna PSU under the Ministry of Power
Maximum Contract Value₹32,44,50,000 (Including GST)
Contract Duration1 Year
Extension PeriodUp to an Additional 6 Months
Scope of WorkAsh Excavation, Loading, Transportation, and Unloading
Order TypeDomestic
Promoter Group InterestNo
Related Party TransactionNo

सरकारी कंपनी के साथ घरेलू कॉन्ट्रैक्ट

कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, यह कॉन्ट्रैक्ट घरेलू श्रेणी में आता है। इसमें प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप का कोई हित नहीं है। साथ ही, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह सौदा रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के अंतर्गत नहीं आता।

Refex Industries ने यह जानकारी SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशन, 2015 के रेगुलेशन 30 के तहत साझा की है।

निष्कर्ष

Refex Industries को मिला यह कॉन्ट्रैक्ट राख के परिवहन और उससे जुड़ी सेवाओं के लिए है। इसकी अधिकतम वैल्यू GST सहित ₹32.44 करोड़ है और शुरुआती अवधि एक साल रखी गई है, जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

Source :- https://www.bseindia.com/xml-data/corpfiling/AttachLive/d7776ca9-3a48-4cc4-bf48-fb8ab40c6dc1.pdf

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