Plastiblends India Q2 Results: मुनाफे में 43% से ज्यादा की बढ़त, 6 महीने में ₹2,560 लाख का नेट प्रॉफिट

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Plastiblends India Q2 Results: मुनाफे में 43% से ज्यादा की बढ़त, 6 महीने में ₹2,560 लाख का नेट प्रॉफिट

Plastiblends India Q2 Results FY27: प्लास्टिक इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनी Plastiblends India Limited ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के 12 अक्टूबर 2026 के नतीजों के मुताबिक, सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 18.81% बढ़कर ₹22,884 लाख हो गया। वहीं, नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान तिमाही के ₹744 लाख से बढ़कर ₹1,065 लाख पहुंच गया।

कंपनी के छमाही नतीजों में भी बढ़त दर्ज की गई। अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹45,045 लाख और नेट प्रॉफिट ₹2,560 लाख रहा। हालांकि, पिछली तिमाही यानी जून 2026 के मुकाबले सितंबर तिमाही में कंपनी के मुनाफे में गिरावट आई है।

दूसरी तिमाही में कैसा रहा कंपनी का प्रदर्शन?

कंपनी के प्रेस रिलीज के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर रेवेन्यू, EBITDA, टैक्स से पहले मुनाफे और नेट प्रॉफिट में बढ़ोतरी हुई।

वित्तीय आंकड़ेQ2 FY27Q2 FY26सालाना बदलाव
ऑपरेशंस से रेवेन्यू₹22,884 लाख₹19,261 लाख+18.81%
EBITDA₹1,872 लाख₹1,437 लाख+30.29%
टैक्स से पहले मुनाफा (PBT)₹1,453 लाख₹1,001 लाख+45.18%
नेट प्रॉफिट (PAT)₹1,065 लाख₹744 लाख+43.28%
स्रोत: कंपनी की प्रेस रिलीज, 12 अक्टूबर 2026। आंकड़े लाख रुपये में हैं; प्रतिशत कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों पर आधारित हैं।

छह महीने में रेवेन्यू और मुनाफे में भी बढ़ोतरी

अप्रैल से सितंबर 2026 की पहली छमाही में Plastiblends India ने पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। कंपनी के अनुसार, इस दौरान रेवेन्यू 14.84%, EBITDA 41.82%, PBT 58.71% और नेट प्रॉफिट 56.51% बढ़ा।

वित्तीय आंकड़ेH1 FY27H1 FY26
रेवेन्यू₹45,045 लाख₹39,224 लाख
EBITDA₹4,306 लाख₹3,036 लाख
PBT₹3,476 लाख₹2,190 लाख
नेट प्रॉफिट₹2,560 लाख₹1,636 लाख
स्रोत: Plastiblends India की वित्तीय नतीजों की प्रेस रिलीज।

पिछली तिमाही के मुकाबले मुनाफे में गिरावट

सालाना आधार पर नतीजे बेहतर रहे, लेकिन जून 2026 तिमाही की तुलना में सितंबर तिमाही में कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में नरमी दिखाई दी।

  • Revenue increased from ₹22,161 lakh to ₹22,884 lakh.
  • EBITDA declined from ₹2,434 lakh to ₹1,872 lakh.
  • PBT declined from ₹2,023 lakh to ₹1,453 lakh.
  • Net profit fell from ₹1,495 lakh to ₹1,065 lakh.

कंपनी के कारोबार पर किन चीजों का पड़ा असर?

Plastiblends India ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए युद्ध का मास्टरबैच इंडस्ट्री पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इस दौरान कच्चे माल, बिजली, माल ढुलाई और अन्य परिचालन खर्च ऊंचे बने रहे। गुजरात में दूसरी तिमाही के दौरान फ्यूल सरचार्ज बढ़ने से बिजली की लागत भी बढ़ी। कंपनी ने लंबे समय से जुड़े ग्राहकों और बाजार हिस्सेदारी को बनाए रखने के लिए बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा खुद वहन करने का फैसला किया है। प्रेस रिलीज के मुताबिक, इन लागतों का असर आने वाली तिमाहियों में ग्राहकों पर डाला जाएगा।

Plastiblends India

एक्सपोर्ट कारोबार और इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स से उम्मीद

कंपनी के मुताबिक, नए बाजारों तक पहुंच और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स की मदद से उसका निर्यात कारोबार अच्छा रहा। प्रेस रिलीज में बताया गया कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगभग ₹96 पर पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह करीब ₹88 था। रुपये में लगभग 8% की गिरावट से निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ी, हालांकि आयात पर इसका असर पड़ा। कंपनी ने यह भी कहा कि उसका इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स कारोबार बढ़ रहा है और आने वाले समय में इसकी रफ्तार मजबूत रहने की उम्मीद है।

गुजरात में 5.2 MW सोलर प्रोजेक्ट शुरू

Plastiblends India ने सितंबर 2026 में गुजरात में अपना 5.2 MW का सोलर ओपन-एक्सेस पावर प्रोजेक्ट चालू किया। कंपनी के अनुसार, इस परियोजना से हाल में बढ़े फ्यूल सरचार्ज के असर को कम करने में मदद मिलेगी।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर एस. एन. काबरा ने कहा कि इस अवधि में पूरे उद्योग को कच्चे माल, माल ढुलाई और ऊर्जा की ऊंची लागत के साथ रुपये की कमजोरी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कंपनी लागत को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। मजबूत ग्राहक आधार, बढ़ते निर्यात कारोबार और अन्य दक्षता संबंधी पहलों के जरिए कंपनी ने आगे बढ़ने और हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य तैयार करने की प्रतिबद्धता जताई।

निष्कर्ष

Plastiblends India के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों में सालाना आधार पर रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट दोनों बढ़े हैं। पहली छमाही में भी कंपनी ने मजबूत वृद्धि दर्ज की। हालांकि, जून तिमाही के मुकाबले सितंबर तिमाही में मुनाफा कम रहा और ऊंची परिचालन लागत कंपनी के लिए चुनौती बनी हुई है। कंपनी ने लागत नियंत्रण, निर्यात कारोबार और सोलर पावर प्रोजेक्ट को आगे की रणनीति के अहम हिस्सों के रूप में पेश किया है।

Source :- http://bseindia.com/xml-data/corpfiling/AttachLive/475e44ba-5f63-4357-a5ff-0a276a33d858.pdf

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Refex Industries को मिला ₹32.44 करोड़ का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, सरकारी कंपनी से मिला राख के ट्रांसपोर्टेशन का काम

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Refex Industries Limited ने 17 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि कंपनी को मिनिस्ट्री ऑफ पावर के अंतर्गत आने वाली एक महारत्न सरकारी कंपनी से राख के परिवहन के लिए रेट कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट मिनिस्ट्री ऑफ पावर के अंतर्गत आने वाली एक महारत्न कंपनी से प्राप्त हुआ है, जिसकी अधिकतम कुल वैल्यू GST सहित ₹32.44 करोड़ है।

राख के परिवहन के लिए मिला कॉन्ट्रैक्ट

Refex Industries के अनुसार, इस कॉन्ट्रैक्ट में राख की खुदाई, लोडिंग, परिवहन और डाइक (Dykes) से अनलोडिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं। यह काम सरकारी क्षेत्र की एक महारत्न कंपनी के लिए किया जाएगा। कंपनी ने बताया कि यह रेट कॉन्ट्रैक्ट एक साल के लिए वैध रहेगा। जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि को अतिरिक्त छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

Refex Industries

ऑर्डर से जुड़ी अहम जानकारी

ParticularsDetails
CompanyRefex Industries Limited
Order Awarding EntityMaharatna PSU under the Ministry of Power
Maximum Contract Value₹32,44,50,000 (Including GST)
Contract Duration1 Year
Extension PeriodUp to an Additional 6 Months
Scope of WorkAsh Excavation, Loading, Transportation, and Unloading
Order TypeDomestic
Promoter Group InterestNo
Related Party TransactionNo

सरकारी कंपनी के साथ घरेलू कॉन्ट्रैक्ट

कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, यह कॉन्ट्रैक्ट घरेलू श्रेणी में आता है। इसमें प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप का कोई हित नहीं है। साथ ही, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह सौदा रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के अंतर्गत नहीं आता।

Refex Industries ने यह जानकारी SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशन, 2015 के रेगुलेशन 30 के तहत साझा की है।

निष्कर्ष

Refex Industries को मिला यह कॉन्ट्रैक्ट राख के परिवहन और उससे जुड़ी सेवाओं के लिए है। इसकी अधिकतम वैल्यू GST सहित ₹32.44 करोड़ है और शुरुआती अवधि एक साल रखी गई है, जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

Source :- https://www.bseindia.com/xml-data/corpfiling/AttachLive/d7776ca9-3a48-4cc4-bf48-fb8ab40c6dc1.pdf

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