Airfloa Rail Technology को ₹34.85 करोड़ का बड़ा ऑर्डर, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के डिजाइन का मिला काम

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Airfloa Rail Technology को ₹34.85 करोड़ का बड़ा ऑर्डर, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के डिजाइन का मिला काम

Airfloa Rail Technology Order News: रेलवे सेक्टर की कंपनी Airfloa Rail Technology Limited को ₹34.85 करोड़ का नया ऑर्डर मिला है। कंपनी ने 12 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि उसे वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के इंटीरियर डिजाइन और मॉक-अप डेवलपमेंट से जुड़ा काम मिला है। यह ऑर्डर इटली की BLUE Engineering के साथ कंसोर्टियम के तहत हासिल किया गया है, जिसमें Airfloa Rail Technology लीड मेंबर है।

किस विभाग से मिला ₹34.85 करोड़ का ऑर्डर?

कंपनी को यह ऑर्डर Integral Coach Factory (ICF), चेन्नई के CDE/Mechanical कार्यालय के ICF-HQ-Mechanical विभाग से मिला है। इसके लिए कंपनी को 12 अक्टूबर 2026 को Letter of Acceptance (LOA) प्राप्त हुआ। कंपनी ने SEBI के Listing Obligations and Disclosure Requirements Regulations, 2015 के Regulation 30 के तहत इस नए ऑर्डर की जानकारी साझा की है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के लिए करना होगा ये काम

कंपनी की ओर से जारी दस्तावेज के मुताबिक, इस ऑर्डर में दो प्रमुख काम शामिल हैं:

  • इंटीरियर डिजाइन: वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के एक सेट का इंटीरियर डिजाइन तैयार करना।
  • मॉक-अप डेवलपमेंट: ट्रेनसेट के एक सेट का मॉक-अप विकसित करना।

इस प्रोजेक्ट को Letter of Acceptance जारी होने की तारीख से 12 महीने के भीतर पूरा करना है।

Airfloa Rail Technology

घरेलू ऑर्डर, कुल वैल्यू ₹34.85 करोड़

कंपनी के खुलासे के अनुसार, ₹34.85 करोड़ का यह ऑर्डर घरेलू इकाई से मिला है। LOA में निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार काम पूरा करना होगा। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑर्डर देने वाली इकाई में प्रमोटर, प्रमोटर ग्रुप या ग्रुप कंपनियों का कोई हित नहीं बताया गया है। इसके अलावा, यह ऑर्डर संबंधित पक्षों के लेनदेन (Related Party Transaction) के अंतर्गत नहीं आता है।

12 अक्टूबर को मिला LOA

Airfloa Rail Technology Limited ने 12 अक्टूबर 2026 को LOA मिलने की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दी। कंपनी के कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर हरप्रसाद राउत ने इस संबंध में आधिकारिक खुलासा किया। वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के इंटीरियर डिजाइन और मॉक-अप डेवलपमेंट का यह प्रोजेक्ट कंपनी के लिए रेलवे क्षेत्र में मिला नया काम है। कंपनी को निर्धारित 12 महीने की समयसीमा में इसे पूरा करना होगा।

Q1. Airfloa Rail Technology Limited को कितने रुपये का ऑर्डर मिला है?

Airfloa Rail Technology Limited को ₹34.85 करोड़ का नया ऑर्डर मिला है।

Q2. Airfloa Rail Technology को यह ऑर्डर किस काम के लिए मिला है?

कंपनी को वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के इंटीरियर डिजाइन और मॉक-अप डेवलपमेंट का काम मिला है।

Q3. Airfloa Rail Technology को यह ऑर्डर किसने दिया है?

यह ऑर्डर Integral Coach Factory (ICF), चेन्नई के ICF-HQ-Mechanical, CDE/Mechanical कार्यालय से मिला है।

Q4. क्या Airfloa Rail Technology ने यह ऑर्डर अकेले हासिल किया है?

नहीं, कंपनी ने यह ऑर्डर इटली की BLUE Engineering के साथ कंसोर्टियम के तहत हासिल किया है। Airfloa Rail Technology इस कंसोर्टियम की लीड मेंबर है।

Q5. कंपनी को ऑर्डर का Letter of Acceptance (LOA) कब मिला?

कंपनी को 12 अक्टूबर 2026 को Letter of Acceptance (LOA) प्राप्त हुआ।

Q6. Airfloa Rail Technology को यह प्रोजेक्ट कितने समय में पूरा करना होगा?

कंपनी को LOA जारी होने की तारीख से 12 महीने के भीतर प्रोजेक्ट पूरा करना होगा।

Q7. क्या Airfloa Rail Technology का यह ऑर्डर घरेलू या अंतरराष्ट्रीय है?

यह एक घरेलू ऑर्डर है, जिसे Integral Coach Factory, चेन्नई से प्राप्त किया गया है।

Q8. क्या यह ऑर्डर संबंधित पक्षों के लेनदेन (Related Party Transaction) के अंतर्गत आता है?

कंपनी के स्टॉक एक्सचेंज खुलासे के अनुसार, यह ऑर्डर संबंधित पक्षों के लेनदेन के अंतर्गत नहीं आता है।

Q9. Airfloa Rail Technology ने ऑर्डर की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को कब दी?

कंपनी ने 12 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को इस ऑर्डर की जानकारी दी।

Q10. Airfloa Rail Technology ने यह जानकारी किस नियम के तहत दी है?

कंपनी ने SEBI Listing Obligations and Disclosure Requirements Regulations, 2015 के Regulation 30 के तहत यह खुलासा किया है।

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Refex Industries को मिला ₹32.44 करोड़ का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, सरकारी कंपनी से मिला राख के ट्रांसपोर्टेशन का काम

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Refex Industries Limited ने 17 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि कंपनी को मिनिस्ट्री ऑफ पावर के अंतर्गत आने वाली एक महारत्न सरकारी कंपनी से राख के परिवहन के लिए रेट कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट मिनिस्ट्री ऑफ पावर के अंतर्गत आने वाली एक महारत्न कंपनी से प्राप्त हुआ है, जिसकी अधिकतम कुल वैल्यू GST सहित ₹32.44 करोड़ है।

राख के परिवहन के लिए मिला कॉन्ट्रैक्ट

Refex Industries के अनुसार, इस कॉन्ट्रैक्ट में राख की खुदाई, लोडिंग, परिवहन और डाइक (Dykes) से अनलोडिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं। यह काम सरकारी क्षेत्र की एक महारत्न कंपनी के लिए किया जाएगा। कंपनी ने बताया कि यह रेट कॉन्ट्रैक्ट एक साल के लिए वैध रहेगा। जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि को अतिरिक्त छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

Refex Industries

ऑर्डर से जुड़ी अहम जानकारी

ParticularsDetails
CompanyRefex Industries Limited
Order Awarding EntityMaharatna PSU under the Ministry of Power
Maximum Contract Value₹32,44,50,000 (Including GST)
Contract Duration1 Year
Extension PeriodUp to an Additional 6 Months
Scope of WorkAsh Excavation, Loading, Transportation, and Unloading
Order TypeDomestic
Promoter Group InterestNo
Related Party TransactionNo

सरकारी कंपनी के साथ घरेलू कॉन्ट्रैक्ट

कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, यह कॉन्ट्रैक्ट घरेलू श्रेणी में आता है। इसमें प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप का कोई हित नहीं है। साथ ही, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह सौदा रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के अंतर्गत नहीं आता।

Refex Industries ने यह जानकारी SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशन, 2015 के रेगुलेशन 30 के तहत साझा की है।

निष्कर्ष

Refex Industries को मिला यह कॉन्ट्रैक्ट राख के परिवहन और उससे जुड़ी सेवाओं के लिए है। इसकी अधिकतम वैल्यू GST सहित ₹32.44 करोड़ है और शुरुआती अवधि एक साल रखी गई है, जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

Source :- https://www.bseindia.com/xml-data/corpfiling/AttachLive/d7776ca9-3a48-4cc4-bf48-fb8ab40c6dc1.pdf

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