CSM Technologies को अफ्रीका से मिला ₹1.65 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट, मोजाम्बिक में बनाएगी डिजिटल ट्रेड प्लेटफॉर्म
CSM Technologies Order News: भारत की GovTech कंपनी CSM Technologies Limited की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी CSM Tech Limited को अफ्रीका में एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी को TradeMark Africa से 1,74,000 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग ₹1.65 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत मोजाम्बिक के बेइरा कॉरिडोर (Beira Corridor) के लिए एक डिजिटल ट्रेड और ट्रांसपोर्ट मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा।
बेइरा कॉरिडोर के लिए बनेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म
इस प्रोजेक्ट के जरिए बेइरा कॉरिडोर पर माल की आवाजाही, परिवहन प्रदर्शन, देरी और व्यापार से जुड़े अन्य आंकड़ों की लगभग रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
व्यापार में देरी और लागत की समस्या पर रहेगा फोकस
TradeMark Africa की सहायता से मार्च 2026 में किए गए एक अध्ययन में 1,000 से अधिक ट्रक ड्राइवरों को शामिल किया गया था। अध्ययन में प्रति ट्रिप परिवहन लागत लगभग 1,600 से 1,960 अमेरिकी डॉलर आंकी गई थी। अधिक देरी की स्थिति में यह लागत बढ़कर 4,000 डॉलर या 6,000 डॉलर से भी अधिक हो सकती थी।
कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?
CSM Tech Limited इस प्लेटफॉर्म को वेब आधारित और सुरक्षित बनाएगी। इसमें कई डिजिटल सुविधाएं शामिल होंगी:
- KPI डैशबोर्ड: व्यापार और परिवहन के प्रदर्शन की निगरानी।
- GIS मैपिंग: कॉरिडोर और परिवहन मार्गों की डिजिटल मैपिंग।
- ऑटोमेटेड अलर्ट: देरी और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से संबंधित सूचनाएं।
- डेटा एनालिटिक्स और रिपोर्टिंग: व्यापार एवं परिवहन से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण।
- केंद्रीकृत डेटा सिस्टम: पोर्ट, सड़क, रेलवे, कस्टम और अन्य संबंधित प्रणालियों से जानकारी एकत्र करना।
कंपनी चार चरणों वाली डेटा वैलिडेशन प्रक्रिया भी लागू करेगी, ताकि उपलब्ध जानकारी की विश्वसनीयता और एकरूपता बेहतर हो सके। प्लेटफॉर्म को मोजाम्बिक के डेटा सेंटर में होस्ट किया जाएगा।

प्रोजेक्ट पूरा होने में कितना समय लगेगा?
इस प्रोजेक्ट में जरूरतों का आकलन, सॉफ्टवेयर डिजाइन, डेवलपमेंट, सिस्टम इंटीग्रेशन, टेस्टिंग, संबंधित लोगों की ट्रेनिंग और पायलट इम्प्लीमेंटेशन शामिल हैं। शुरुआती पायलट बेइरा–माचिपांडा मार्ग पर लागू किया जाएगा। इसके बाद प्लेटफॉर्म को पूरी तरह शुरू किया जाएगा और संबंधित पक्षों को सौंपा जाएगा। CSM Tech Limited इसके बाद 12 महीने तक सपोर्ट और मेंटेनेंस भी उपलब्ध कराएगी। कंपनी के अनुसार, समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद पूरा असाइनमेंट लगभग 18 महीने में पूरा होने की उम्मीद है।
अफ्रीका में CSM Technologies की बढ़ती मौजूदगी
CSM Technologies पहले भी अफ्रीका में डिजिटल गवर्नेंस से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम कर चुकी है। कंपनी ने इस साल TradeMark Africa और Warehouse Receipt System Council के साथ मिलकर केन्या का Electronic Warehouse Receipt System (eWRS) और Central Registry Platform लॉन्च किया था। भारत में कंपनी ने राजस्थान में RajMines, ओडिशा में i3MS और छत्तीसगढ़ में Khanij Online जैसे डिजिटल माइनिंग एवं मिनरल एडमिनिस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म लागू किए हैं। कंपनी के अनुसार, RajMines के जरिए 2.05 करोड़ से अधिक डिजिटल ट्रांजिट परमिट जारी किए जा चुके हैं। कंपनी ने केन्या में Royalty Management System भी लागू किया है, जिसका इस्तेमाल माइनिंग सेक्टर में रॉयल्टी की घोषणा, आकलन, भुगतान और निगरानी के लिए किया जाता है।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
CSM Technologies को मिला यह कॉन्ट्रैक्ट अंतरराष्ट्रीय बाजार में कंपनी की डिजिटल गवर्नेंस और ट्रेड-लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सेवाओं की मौजूदगी को आगे बढ़ाता है। इस प्रोजेक्ट के जरिए कंपनी मोजाम्बिक इस प्रोजेक्ट के तहत CSM Technologies मोजाम्बिक में व्यापार और परिवहन प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने के लिए काम करेगी। हालांकि, ₹1.65 करोड़ के इस कॉन्ट्रैक्ट का कंपनी की कुल आय और मुनाफे पर कितना प्रभाव पड़ेगा, इसकी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। से स्पष्ट नहीं है। निवेशकों के लिए प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन और कंपनी के आगामी वित्तीय नतीजों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
