जर्मनी से चुनाव पर सवाल: राहुल गांधी के बयान से देश की राजनीति गरम

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जर्मनी में दिए गए एक भाषण में ‘वोट चोरी’ का जिक्र करना कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भारी पड़ गया है। उनके बयान के बाद भारत में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है, जहां बीजेपी ने उन पर विदेशी धरती से देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया है।

क्या है पूरा मामला?

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandh ने सोमवार को जर्मनी के बर्लिन में एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। इस भाषण के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी विदेश में जाकर भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP)  ने उनके बयान को गैर-जिम्मेदाराना और देश विरोधी करार दिया।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

बर्लिन में Hertie School में एक लेक्चर के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि भारत की संस्थागत व्यवस्था पर “फुल-स्केल अटैक” हो रहा है। ANI के मुताबिक, उन्होंने बीजेपी सरकार के तहत हुए चुनावों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।

Rahul Gandhi ने कहा कि कांग्रेस ने 2024 का हरियाणा विधानसभा चुनाव जीता था, जबकि उसी साल हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव “निष्पक्ष नहीं” थे। उन्होंने बताया कि पार्टी ने इस बारे में Election Commission of India से शिकायत की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सभी भारतीयों को बराबर नहीं मानती और दलितों व उच्च जाति के नागरिकों को समान दृष्टि से नहीं देखती।

इसके साथ ही राहुल गांधी ने यह भी कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का “हथियार की तरह इस्तेमाल” किया जा रहा है। उनके मुताबिक, खुफिया एजेंसियां, ईडी और सीबीआई पर कब्जा किया गया है, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP)  के खिलाफ कोई मामला नहीं है, जबकि विरोधी दलों के नेताओं पर कई केस दर्ज हैं।

तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने हरियाणा और महाराष्ट्र के मामलों में चुनावी गड़बड़ियों के सबूत सार्वजनिक रूप से पेश किए हैं।

बीजेपी की तीखी प्रतिक्रिया

Rahul Gandhi के बयान पर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता Shobha Karandlaje ने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष की तरह नहीं, बल्कि “एंटी-इंडिया लीडर” की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने यह सवाल उठाया कि वे क्या प्राप्त करना चाहते हैं इससे? वह अब भी एक बच्चे की तरह व्यवहार करते हैं, नेता की तरह नहीं।”

भारतीय जनता पार्टी (BJP)  नेता Shaina NC ने भी राहुल गांधी पर भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, राहुल गांधी विदेश जाकर प्रधानमंत्री, सीबीआई, ED और VOTE चोरी जैसे मुद्दों पर टिप्पणी कर भारत को नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP)  के राष्ट्रीय महासचिव Tarun Chugh ने भी जर्मनी में दिए गए बयान को लेकर राहुल गांधी पर विदेशी धरती से भारतीय संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।

जर्मनी दौरे पर भी सवाल

Rahul Gandhi की जर्मनी यात्रा को लेकर विवाद और बढ़ गया, जब बीजेपी ने उन पर “एंटी-इंडिया एजेंडा” वाले लोगों से मिलने का आरोप लगाया। विपक्ष ने हालांकि पलटवार करते हुए कहा कि विदेश जाना कोई अपराध नहीं है।

नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी नेता Gaurav Bhatia ने राहुल गांधी की जर्मनी यात्रा पर सवाल उठाए और कथित तौर पर उनकी मुलाकात राजनीतिक वैज्ञानिक Cornelia Woll से होने का जिक्र किया।

गौरव भाटिया ने दावा किया कि कॉर्नेलिया वोल Central European University के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ की सदस्य हैं, जिसे अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस की Open Society Foundation से फंडिंग मिलती है।

उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी विदेशी दौरों पर ऐसे लोगों से क्यों मिलते हैं, जिनके बयान भारत की संप्रभुता और अखंडता को कमजोर करते हैं।

आगे क्या?

राहुल गांधी के जर्मनी में दिए गए बयान ने एक बार फिर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव को तेज कर दिया है। जहां कांग्रेस इसे सवाल उठाने का अधिकार बता रही है, वहीं बीजेपी इसे भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है।

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Refex Industries को मिला ₹32.44 करोड़ का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, सरकारी कंपनी से मिला राख के ट्रांसपोर्टेशन का काम

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Refex Industries Limited ने 17 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि कंपनी को मिनिस्ट्री ऑफ पावर के अंतर्गत आने वाली एक महारत्न सरकारी कंपनी से राख के परिवहन के लिए रेट कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट मिनिस्ट्री ऑफ पावर के अंतर्गत आने वाली एक महारत्न कंपनी से प्राप्त हुआ है, जिसकी अधिकतम कुल वैल्यू GST सहित ₹32.44 करोड़ है।

राख के परिवहन के लिए मिला कॉन्ट्रैक्ट

Refex Industries के अनुसार, इस कॉन्ट्रैक्ट में राख की खुदाई, लोडिंग, परिवहन और डाइक (Dykes) से अनलोडिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं। यह काम सरकारी क्षेत्र की एक महारत्न कंपनी के लिए किया जाएगा। कंपनी ने बताया कि यह रेट कॉन्ट्रैक्ट एक साल के लिए वैध रहेगा। जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि को अतिरिक्त छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

Refex Industries

ऑर्डर से जुड़ी अहम जानकारी

ParticularsDetails
CompanyRefex Industries Limited
Order Awarding EntityMaharatna PSU under the Ministry of Power
Maximum Contract Value₹32,44,50,000 (Including GST)
Contract Duration1 Year
Extension PeriodUp to an Additional 6 Months
Scope of WorkAsh Excavation, Loading, Transportation, and Unloading
Order TypeDomestic
Promoter Group InterestNo
Related Party TransactionNo

सरकारी कंपनी के साथ घरेलू कॉन्ट्रैक्ट

कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, यह कॉन्ट्रैक्ट घरेलू श्रेणी में आता है। इसमें प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप का कोई हित नहीं है। साथ ही, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह सौदा रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के अंतर्गत नहीं आता।

Refex Industries ने यह जानकारी SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशन, 2015 के रेगुलेशन 30 के तहत साझा की है।

निष्कर्ष

Refex Industries को मिला यह कॉन्ट्रैक्ट राख के परिवहन और उससे जुड़ी सेवाओं के लिए है। इसकी अधिकतम वैल्यू GST सहित ₹32.44 करोड़ है और शुरुआती अवधि एक साल रखी गई है, जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

Source :- https://www.bseindia.com/xml-data/corpfiling/AttachLive/d7776ca9-3a48-4cc4-bf48-fb8ab40c6dc1.pdf

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