बयान ‘ब्रेन गेन’ का, हकीकत पलायन की : पाकिस्तान छोड़ रहे कुशल प्रोफेशनल

Share

इस्लामाबाद: – पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ Asim Munir भले ही विदेश में बसे पाकिस्तानी नागरिकों को “ब्रेन गेन” बता रहे हों, लेकिन हकीकत यह है कि देश गंभीर ब्रेन ड्रेन से जूझ रहा है। आर्थिक-राजनीतिक अस्थिरता और सीमित अवसरों के चलते बीते दो वर्षों में हजारों डॉक्टर, इंजीनियर और अकाउंटेंट पाकिस्तान छोड़ चुके हैं।

अप्रैल 2025 में पहले वार्षिक Overseas Pakistanis’ Convention को संबोधित करते हुए Asim Munir ने कहा था कि विदेशों में रह रहे पाकिस्तानी देश के लिए “ब्रेन ड्रेन नहीं, ब्रेन गेन” हैं और वे वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान के एंबेसडर की भूमिका निभाते हैं।

लेकिन Bureau of Emigration and Overseas Employment के आंकड़े दूसरी कहानी बताते हैं। 2024-25 के बीच करीब 5,000 डॉक्टर, 11,000 इंजीनियर और 13,000 अकाउंटेंट देश छोड़ चुके हैं। सबसे बड़ा झटका हेल्थकेयर सेक्टर को लगा है, जहां 2011 से 2024 के बीच नर्सों के पलायन में 2,144 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मीडिया रिपोर्ट्स भी स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करती हैं। Express Tribune के अनुसार, जैसे-जैसे पाकिस्तान 2026 की ओर बढ़ रहा है, “2025 का एक्सोडस” इस दौर की पहचान बन चुका है—एक ऐसी अर्थव्यवस्था जो अपने भविष्य को गढ़ने वाले लोगों के निर्यात पर निर्भर होती जा रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज़ है। पूर्व सीनेटर Mustafa Nawaz Khokhar ने इस रिपोर्ट को साझा करते हुए X पर लिखा, “अर्थव्यवस्था सुधारनी है तो पहले राजनीति ठीक करनी होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान दुनिया का चौथा सबसे बड़ा फ्रीलांसिंग हब होने के बावजूद इंटरनेट शटडाउन के कारण $1.62 बिलियन का नुकसान झेल चुका है, जिससे 23.7 लाख फ्रीलांस नौकरियां जोखिम में पड़ी हैं।

सरकारी रजिस्ट्रेशन आंकड़े भी पलायन की रफ्तार दिखाते हैं। 2024 में 7,27,381 पाकिस्तानियों ने विदेश में काम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 2025 में यह संख्या 6,87,246 रही। सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने खास तौर पर Highly Qualified, Highly Skilled और Skilled कैटेगरी में बढ़ती संख्या की ओर इशारा करते हुए इसे “ब्रेन गेन” कहे जाने पर सवाल उठाए।

PTI नेता Sajid Sikandar Ali ने भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान का ब्रेन ड्रेन कोई रहस्य नहीं है—ना उद्योग, ना रिसर्च फंडिंग, ना नौकरियां। पीएचडी धारक खाली लैब्स में लौटते हैं, प्रोफेशनल बंद बाज़ारों में। टैलेंट को एयरपोर्ट पर अपमानित करके नहीं, अवसर पैदा करके रोका जा सकता है।”

निष्कर्ष:
एक ओर “ब्रेन गेन” का नैरेटिव है, दूसरी ओर आंकड़े और ज़मीनी हकीकत—जो पाकिस्तान से कुशल मानव संसाधन के तेज़ पलायन की ओर इशारा करते हैं। सवाल यही है कि क्या नीति और अवसरों में बदलाव के बिना यह रुझान थम पाएगा?

Next Post

T20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश पर मंडराया बाहर होने का खतरा, ICC ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम

Share

2026 के T20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की राह लगभग बंद होती दिख रही है। भारत में अपने मुकाबले कराने से इनकार करने की बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की मांग उलटी पड़ गई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की आखिरी समय पर दिखाई गई एकजुटता भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के फैसले को बदलने में नाकाम रही।

आपात बैठक और वोटिंग का फैसला

बुधवार, 21 जनवरी को ICC बोर्ड की एक आपात वर्चुअल बैठक हुई, जिसमें बांग्लादेश की अपील पर चर्चा की गई। 16 सदस्यीय बोर्ड में से सिर्फ दो देशों—पाकिस्तान और बांग्लादेश—ने मांग के समर्थन में वोट किया। बाकी सभी सदस्यों ने अनुरोध खारिज कर दिया।

24 घंटे का समय, नहीं तो बाहर

बैठक के बाद ICC ने BCB को अंतिम चेतावनी दी। बोर्ड को 24 घंटे के भीतर यह तय करना होगा कि टीम 7 फरवरी से 8 मार्च के बीच होने वाले वर्ल्ड कप के लिए भारत जाएगी या नहीं। अगर बांग्लादेश तय समय में हामी नहीं भरता, तो उसकी जगह किसी दूसरे देश को टूर्नामेंट में शामिल किया जाएगा। माना जा रहा है कि ऐसी स्थिति में ग्रुप C में स्कॉटलैंड को मौका मिल सकता है। अब BCB को अंतिम फैसला लेने के लिए अपनी सरकार से भी सलाह करनी होगी।

सुरक्षा को लेकर ICC का रुख

ICC ने बैठक में सुरक्षा से जुड़े सभी आकलनों की समीक्षा की, जिनमें स्वतंत्र एजेंसियों की रिपोर्ट भी शामिल थी। बोर्ड का कहना है कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों, फैंस, मीडिया और अधिकारियों के लिए किसी भी तरह का विश्वसनीय खतरा नहीं पाया गया है। इसी वजह से मैचों को श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग को खारिज कर दिया गया।

ग्रुप बदलने की योजना भी नाकाम

BCB ने आयरलैंड के साथ ग्रुप स्वैप का सुझाव भी दिया था, क्योंकि आयरलैंड अपने सभी मैच श्रीलंका में खेल रहा है। हालांकि यह प्रस्ताव शुरुआत से ही कमजोर माना जा रहा था। उसी दिन क्रिकेट आयरलैंड ने साफ कर दिया था कि उन्हें ICC से आश्वासन मिला है कि उनका शेड्यूल नहीं बदलेगा। बैठक में भी यही बात दोहराई गई।

ICC का आधिकारिक बयान

बोर्ड मीटिंग के बाद ICC ने एक बयान जारी करते हुए कहा,
“सभी सुरक्षा जांचों और स्वतंत्र रिपोर्टों के मुताबिक, भारत के किसी भी टूर्नामेंट स्थल पर बांग्लादेशी खिलाड़ियों, मीडिया कर्मियों, अधिकारियों और प्रशंसकों की सुरक्षा को लेकर कोई विश्वसनीय खतरा नहीं पाया गया है।”

मुस्ताफिजुर और IPL विवाद पर प्रतिक्रिया

ICC के एक प्रवक्ता ने यह भी साफ किया कि BCB द्वारा मुस्ताफिजुर रहमान के IPL से बाहर होने को सुरक्षा मुद्दे से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले कई हफ्तों से ICC और BCB के बीच लगातार बातचीत चल रही थी, जिसमें सुरक्षा रिपोर्ट, स्थल-स्तरीय सुरक्षा योजनाएं और मेजबान देशों से औपचारिक आश्वासन साझा किए गए। इन सभी में यही निष्कर्ष निकला कि भारत में बांग्लादेशी टीम की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस खतरा नहीं है।

आखिरी मोड़ पर टूर्नामेंट की तस्वीर

अब गेंद BCB के पाले में है। अगले 24 घंटे यह तय करेंगे कि बांग्लादेश T20 वर्ल्ड कप 2026 का हिस्सा रहेगा या उसकी जगह किसी और टीम को मौका मिलेगा। ICC का संदेश साफ है—सुरक्षा के आधार पर मैचों के स्थान में बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं है।

Image Credit: ICC (International Cricket Council)

Q1. बांग्लादेश को T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने का खतरा क्यों है?

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भारत में अपने मैच खेलने से इनकार किया है और उन्हें किसी दूसरे देश में शिफ्ट करने की मांग की है। ICC ने इस मांग को खारिज कर दिया है और बांग्लादेश को तय समय में फैसला लेने के लिए अल्टीमेटम दिया है।

Q2. ICC ने बांग्लादेश को कितना समय दिया है?

ICC ने BCB को 24 घंटे का समय दिया है। अगर इस दौरान बांग्लादेश टीम भारत जाने के लिए तैयार नहीं होती, तो उसे टूर्नामेंट से बाहर किया जा सकता है।

Q3. अगर बांग्लादेश बाहर होता है तो उसकी जगह कौन ले सकता है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को ग्रुप C में शामिल किया जा सकता है।

Q4. ICC ने सुरक्षा को लेकर क्या कहा है?

ICC का कहना है कि सभी सुरक्षा आकलनों और स्वतंत्र रिपोर्टों में यह पाया गया है कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों, अधिकारियों, मीडिया और फैंस के लिए कोई विश्वसनीय खतरा नहीं है।

Q5. पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर क्या भूमिका निभाई?

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बांग्लादेश की मांग का समर्थन किया था, लेकिन ICC बोर्ड की बैठक में सिर्फ पाकिस्तान और बांग्लादेश ने ही इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया।

Next Post

Loading more posts...