ग्रीनलैंड में तेल और खनिजों की खोज पर ट्रंप का बड़ा दावा, डेनमार्क ने साफ किया- नियम नहीं बदलेंगे

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ग्रीनलैंड में तेल और खनिजों की खोज पर ट्रंप का बड़ा दावा, डेनमार्क ने साफ किया- नियम नहीं बदलेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड में बड़े पैमाने पर तेल, गैस और खनिजों की खोज शुरू होने का दावा किया है। हालांकि, डेनमार्क ने इस पर स्पष्ट किया है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के लिए कोई विशेष अधिकार नहीं दिए गए हैं। डेनमार्क के मुताबिक, हाल ही में हुए समझौते से खनन और ड्रिलिंग से जुड़े मौजूदा नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

डेनमार्क ने अमेरिका को क्या संदेश दिया?

डेनमार्क के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को दोहराया कि पिछले महीने डेनमार्क, ग्रीनलैंड और अमेरिका के बीच हुए समझौते में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के नियमों को नहीं बदला गया है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड के प्राकृतिक संसाधनों तक पहुंच के मामले में अमेरिकी निवेशकों को नाटो और यूरोपीय संघ के अन्य सदस्य देशों के निवेशकों के मुकाबले कोई विशेष तरजीह नहीं दी जाएगी।

इस बीच, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ग्रीनलैंड को अमेरिका का नया और खूबसूरत ग्रीनलैंड बताते हुए दावा किया कि वहां बड़े पैमाने पर तेल, गैस और खनिजों की खोज की तैयारियां शुरू होने वाली हैं। हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

अमेरिका और ग्रीनलैंड के बीच समझौते में क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नीलसन ने 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान 10 पन्नों के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

यह समझौता ऐसे समय हुआ, जब ट्रंप की ग्रीनलैंड पर नियंत्रण स्थापित करने की धमकियों के कारण कई महीनों से तनाव बना हुआ था।

समझौते के तहत अमेरिका को उत्तर-पश्चिमी ग्रीनलैंड में स्थित अपने दूरस्थ सैन्य ठिकाने पिटुफिक स्पेस बेस की गतिविधियों को आधुनिक बनाने और उनका विस्तार करने की अनुमति दी गई है।

इसके अलावा, इस समझौते से दो नए सैन्य ठिकानों और ट्रंप की प्रस्तावित ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल रक्षा प्रणाली का रास्ता भी खुला। साथ ही, इसमें डेनमार्क की संप्रभुता और ग्रीनलैंड के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार की दोबारा पुष्टि की गई।

हालांकि, समझौते में खनन या तेल-गैस की ड्रिलिंग के लिए अमेरिका को कोई अधिकार नहीं दिया गया है।

ग्रीनलैंड में तेल और खनिजों की खोज पर ट्रंप का दावा

ग्रीनलैंड में तेल की खोज पर पहले से प्रतिबंध

ग्रीनलैंड ने 2021 में यूरेनियम खनन और भविष्य में तेल की खोज पर प्रतिबंध लगा दिया था। फिलहाल, वहां की सरकार इस बात की समीक्षा कर रही है कि टेक्सास की कंपनी ग्रीनलैंड एनर्जी को प्रतिबंध से पहले जारी किए गए परमिट के आधार पर काम करने की अनुमति दी जा सकती है या नहीं।

कंपनी ने अगस्त में कहा था कि वह 2027 में ग्रीनलैंड के पूर्वी तट पर स्थित एक ऐसे बेसिन में तेल की ड्रिलिंग करने की योजना बना रही है, जहां पहले परीक्षण नहीं किया गया है। हालांकि, कंपनी के पास अपना ड्रिलिंग परमिट नहीं था।

ग्रीनलैंड में तेल को लेकर ट्रंप की रणनीति पर क्यों उठे सवाल?

डेनमार्क की सुरक्षा नीति के सलाहकार जैकब कार्सबो का मानना है कि ट्रंप का हालिया बयान संकेत देता है कि ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करने की उनकी इच्छा अब भी बरकरार हो सकती है।

उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप प्रशासन और डेनमार्क के बीच हुए समझौते से यह निष्कर्ष निकालना गलत और बेहद जोखिम भरा होगा कि ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की मंशा बदल गई है।

वहीं, डेनिश इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के वरिष्ठ शोधकर्ता मिकेल ओलेसन ने अल जजीरा से बातचीत में कहा कि खनन और खोज के अधिकारों से जुड़े कई पहलुओं पर अभी स्पष्टता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य रूप से अमेरिकी पक्ष से आ रही जानकारी को पूरी तरह सही मानने के बजाय सावधानी से देखना चाहिए।

रोम स्थित नाटो डिफेंस कॉलेज के फेलो रिचर्ड वेट्ज ने कहा कि ट्रंप पीछे हटे और उन्हें अपनी शुरुआती मांगों से कम पर समझौता करना पड़ा। हालांकि, उनके मुताबिक, औपचारिक रूप से ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की मांग को छोड़कर ट्रंप को काफी हद तक वह सब मिल गया, जो वे चाहते थे।

आगे क्या होगा?

ग्रीनलैंड में प्राकृतिक संसाधनों की खोज को लेकर ट्रंप के दावे और डेनमार्क के स्पष्टीकरण के बीच अंतर साफ दिखाई देता है। फिलहाल, सितंबर में हुए समझौते से अमेरिका को सैन्य गतिविधियों के विस्तार का रास्ता मिला है, लेकिन खनन और ड्रिलिंग के अधिकार नहीं मिले हैं। ऐसे में ग्रीनलैंड के मौजूदा कानूनों और परमिट से जुड़े नियम इस मामले में अहम बने रहेंगे।

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ग्रीनलैंड में तेल की खोज से जुड़े 5 महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

1. ग्रीनलैंड में तेल की खोज को लेकर ट्रंप ने क्या दावा किया?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ग्रीनलैंड में तेल, गैस और खनिजों की बड़े पैमाने पर खोज जल्द शुरू होने वाली है। हालांकि, उन्होंने इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी।

2. क्या अमेरिका को ग्रीनलैंड में तेल निकालने की अनुमति मिल गई है?

नहीं। डेनमार्क के अनुसार, अमेरिका और ग्रीनलैंड से जुड़े हालिया समझौते में तेल की ड्रिलिंग या खनन के अधिकार नहीं दिए गए हैं।

3. ग्रीनलैंड में तेल की खोज पर क्या प्रतिबंध है?

ग्रीनलैंड ने 2021 में भविष्य में तेल की खोज और यूरेनियम खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था। वहां तेल की खोज के लिए मौजूदा नियम और परमिट महत्वपूर्ण हैं।

4. ग्रीनलैंड में तेल की ड्रिलिंग कब शुरू हो सकती है?

टेक्सास की कंपनी ग्रीनलैंड एनर्जी ने अगस्त में कहा था कि वह 2027 में ग्रीनलैंड के पूर्वी तट पर एक ऐसे बेसिन में तेल की ड्रिलिंग की योजना बना रही है, जहां पहले परीक्षण नहीं हुआ है। हालांकि, कंपनी के पास अपना परमिट नहीं था।

5. ग्रीनलैंड में तेल के मुद्दे पर डेनमार्क का क्या रुख है?

डेनमार्क का कहना है कि ग्रीनलैंड के प्राकृतिक संसाधनों तक पहुंच के मामले में अमेरिकी निवेशकों को दूसरे नाटो और यूरोपीय संघ के देशों के निवेशकों पर कोई विशेष प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।

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Refex Industries को मिला ₹32.44 करोड़ का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, सरकारी कंपनी से मिला राख के ट्रांसपोर्टेशन का काम

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Refex Industries Limited ने 17 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि कंपनी को मिनिस्ट्री ऑफ पावर के अंतर्गत आने वाली एक महारत्न सरकारी कंपनी से राख के परिवहन के लिए रेट कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट मिनिस्ट्री ऑफ पावर के अंतर्गत आने वाली एक महारत्न कंपनी से प्राप्त हुआ है, जिसकी अधिकतम कुल वैल्यू GST सहित ₹32.44 करोड़ है।

राख के परिवहन के लिए मिला कॉन्ट्रैक्ट

Refex Industries के अनुसार, इस कॉन्ट्रैक्ट में राख की खुदाई, लोडिंग, परिवहन और डाइक (Dykes) से अनलोडिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं। यह काम सरकारी क्षेत्र की एक महारत्न कंपनी के लिए किया जाएगा। कंपनी ने बताया कि यह रेट कॉन्ट्रैक्ट एक साल के लिए वैध रहेगा। जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि को अतिरिक्त छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

Refex Industries

ऑर्डर से जुड़ी अहम जानकारी

ParticularsDetails
CompanyRefex Industries Limited
Order Awarding EntityMaharatna PSU under the Ministry of Power
Maximum Contract Value₹32,44,50,000 (Including GST)
Contract Duration1 Year
Extension PeriodUp to an Additional 6 Months
Scope of WorkAsh Excavation, Loading, Transportation, and Unloading
Order TypeDomestic
Promoter Group InterestNo
Related Party TransactionNo

सरकारी कंपनी के साथ घरेलू कॉन्ट्रैक्ट

कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, यह कॉन्ट्रैक्ट घरेलू श्रेणी में आता है। इसमें प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप का कोई हित नहीं है। साथ ही, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह सौदा रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के अंतर्गत नहीं आता।

Refex Industries ने यह जानकारी SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशन, 2015 के रेगुलेशन 30 के तहत साझा की है।

निष्कर्ष

Refex Industries को मिला यह कॉन्ट्रैक्ट राख के परिवहन और उससे जुड़ी सेवाओं के लिए है। इसकी अधिकतम वैल्यू GST सहित ₹32.44 करोड़ है और शुरुआती अवधि एक साल रखी गई है, जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

Source :- https://www.bseindia.com/xml-data/corpfiling/AttachLive/d7776ca9-3a48-4cc4-bf48-fb8ab40c6dc1.pdf

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